रोमियों 5:1-2
रोमियों 5:1-2 DGV
अब चूँकि हमें ईमान से रास्तबाज़ क़रार दिया गया है इसलिए अल्लाह के साथ हमारी सुलह है। इस सुलह का वसीला हमारा ख़ुदावंद ईसा मसीह है। हमारे ईमान लाने पर उसने हमें फ़ज़ल के उस मक़ाम तक पहुँचाया जहाँ हम आज क़ायम हैं। और यों हम इस उम्मीद पर फ़ख़र करते हैं कि हम अल्लाह के जलाल में शरीक होंगे।




![[From Heaven to the Hay in the Heart] Part 2 रोमियों 5:1-2 किताब-ए मुक़द्दस](/_next/image?url=https%3A%2F%2Fimageproxy.youversionapi.com%2Fhttps%3A%2F%2Fs3.amazonaws.com%2Fyvplans%2F29089%2F1440x810.jpg&w=3840&q=75)

