मुकाशफ़ा 14:13
मुकाशफ़ा 14:13 DGV
फिर मैंने आसमान से एक आवाज़ यह कहती हुई सुनी, “लिख, मुबारक हैं वह मुरदे जो अब से ख़ुदावंद में वफ़ात पाते हैं।” “जी हाँ,” रूह फ़रमाता है, “वह अपनी मेहनत-मशक़्क़त से आराम पाएँगे, क्योंकि उनके नेक काम उनके पीछे होकर उनके साथ चलेंगे।”





