ज़बूर 77:1-2
ज़बूर 77:1-2 DGV
आसफ़ का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। यदूतून के लिए। मैं अल्लाह से फ़रियाद करके मदद के लिए चिल्लाता हूँ, मैं अल्लाह को पुकारता हूँ कि मुझ पर ध्यान दे। अपनी मुसीबत में मैंने रब को तलाश किया। रात के वक़्त मेरे हाथ बिलानाग़ा उस की तरफ़ उठे रहे। मेरी जान ने तसल्ली पाने से इनकार किया।






