ज़बूर 75:1
ज़बूर 75:1 DGV
आसफ़ का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। तर्ज़ : तबाह न कर। ऐ अल्लाह, तेरा शुक्र हो, तेरा शुक्र! तेरा नाम उनके क़रीब है जो तेरे मोजिज़े बयान करते हैं।
आसफ़ का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। तर्ज़ : तबाह न कर। ऐ अल्लाह, तेरा शुक्र हो, तेरा शुक्र! तेरा नाम उनके क़रीब है जो तेरे मोजिज़े बयान करते हैं।