ज़बूर 3:4-5
ज़बूर 3:4-5 DGV
मैं बुलंद आवाज़ से रब को पुकारता हूँ, और वह अपने मुक़द्दस पहाड़ से मेरी सुनता है। (सिलाह) मैं आराम से लेटकर सो गया, फिर जाग उठा, क्योंकि रब ख़ुद मुझे सँभाले रखता है।
मैं बुलंद आवाज़ से रब को पुकारता हूँ, और वह अपने मुक़द्दस पहाड़ से मेरी सुनता है। (सिलाह) मैं आराम से लेटकर सो गया, फिर जाग उठा, क्योंकि रब ख़ुद मुझे सँभाले रखता है।