यरमियाह 40:3-4
यरमियाह 40:3-4 DGV
और अब वह यह आफ़त उसी तरह ही लाया जिस तरह उसने फ़रमाया था। सब कुछ इसलिए हुआ कि आपकी क़ौम रब का गुनाह करती रही और उस की न सुनी। लेकिन आज मैं वह ज़ंजीरें खोल देता हूँ जिनसे आपके हाथ जकड़े हुए हैं। आप आज़ाद हैं। अगर चाहें तो मेरे साथ बाबल जाएँ। तब मैं ही आपकी निगरानी करूँगा। बाक़ी आपकी मरज़ी। अगर यहीं रहना पसंद करेंगे तो यहीं रहें। पूरे मुल्क में जहाँ भी जाना चाहें जाएँ। कोई आपको नहीं रोकेगा।”



