क़ुज़ात 16:16
क़ुज़ात 16:16 DGV
रोज़ बरोज़ वह अपनी बातों से उस की नाक में दम करती रही। आख़िरकार समसून इतना तंग आ गया कि उसका जीना दूभर हो गया।
रोज़ बरोज़ वह अपनी बातों से उस की नाक में दम करती रही। आख़िरकार समसून इतना तंग आ गया कि उसका जीना दूभर हो गया।