क़ुज़ात 14:6
क़ुज़ात 14:6 DGV
तब अल्लाह का रूह इतने ज़ोर से समसून पर नाज़िल हुआ कि उसने अपने हाथों से शेर को यों फाड़ डाला, जिस तरह आम आदमी बकरी के छोटे बच्चे को फाड़ डालता है। लेकिन उसने अपने वालिदैन को इसके बारे में कुछ न बताया।
तब अल्लाह का रूह इतने ज़ोर से समसून पर नाज़िल हुआ कि उसने अपने हाथों से शेर को यों फाड़ डाला, जिस तरह आम आदमी बकरी के छोटे बच्चे को फाड़ डालता है। लेकिन उसने अपने वालिदैन को इसके बारे में कुछ न बताया।