हिज़क़ियेल 37:3
हिज़क़ियेल 37:3 DGV
रब ने मुझसे पूछा, “ऐ आदमज़ाद, क्या यह हड्डियाँ दुबारा ज़िंदा हो सकती हैं?” मैंने जवाब दिया, “ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तू ही जानता है।”
रब ने मुझसे पूछा, “ऐ आदमज़ाद, क्या यह हड्डियाँ दुबारा ज़िंदा हो सकती हैं?” मैंने जवाब दिया, “ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तू ही जानता है।”