हिज़क़ियेल 17:22-23
हिज़क़ियेल 17:22-23 DGV
रब क़ादिरे-मुतलक़ फ़रमाता है कि अब मैं ख़ुद देवदार के दरख़्त की चोटी से नरमो-नाज़ुक कोंपल तोड़कर उसे एक बुलंदो-बाला पहाड़ पर लगा दूँगा। और जब मैं उसे इसराईल की बुलंदियों पर लगा दूँगा तो उस की शाख़ें फूट निकलेंगी, और वह फल लाकर शानदार दरख़्त बनेगा। हर क़िस्म के परिंदे उसमें बसेरा करेंगे, सब उस की शाख़ों के साय में पनाह लेंगे।

