उत्पत्ति 1:30
उत्पत्ति 1:30 DII25
आरु जोतरा कोळी क ढुरे, आरु वादळा क चील्ला, आरु कोळी पोर रेंगनेवाळा जीवे छे, जीनामा जीवन क जीव छे, हेनु सब क खाने क लीय हांव सब निळ्ळा निव्ळा नानला झाड़ आपलो छे,” आरु ओसोत होय गोयो।
आरु जोतरा कोळी क ढुरे, आरु वादळा क चील्ला, आरु कोळी पोर रेंगनेवाळा जीवे छे, जीनामा जीवन क जीव छे, हेनु सब क खाने क लीय हांव सब निळ्ळा निव्ळा नानला झाड़ आपलो छे,” आरु ओसोत होय गोयो।