उत्पत्ति 22:17-18
उत्पत्ति 22:17-18 GNN25
यो कारण मी जरुर तो खे आशीष दियु; अरु जरुर तरो कुल खे आकाश का तारागण, अरु संमुदर तट का रेतीकणहोन का समान अनगिनत कर्यु, अरु तरो कुल अपना दुश्मनहोन का नगरहोन को अधिकारी हुये; अरु धरती की सब जातहोन अपना खे तरा कुल का कारण धन्य मान्ये : क्युकि तोने मरी बात मानी हइ.”





