रोमियन 8:35
रोमियन 8:35 BAG
अउर हमहीं पंचन काहीं मसीह के प्रेम से कोऊ अलग नहीं कइ सकय, चाह उआ दुख-मुसीबत होय, चाह हमरे ऊपर अत्याचार होय, चाह अकाल होय, चाह पहिनँय के खातिर ओन्हव न होय, चाह उआ जोखिम होय, अउर चाह उआ तलबारय काहे न होय?
अउर हमहीं पंचन काहीं मसीह के प्रेम से कोऊ अलग नहीं कइ सकय, चाह उआ दुख-मुसीबत होय, चाह हमरे ऊपर अत्याचार होय, चाह अकाल होय, चाह पहिनँय के खातिर ओन्हव न होय, चाह उआ जोखिम होय, अउर चाह उआ तलबारय काहे न होय?