रोमियन 2:3-4
रोमियन 2:3-4 BAG
अउर हे साथी, तूँ त केबल मनई आह्या, अउर तूँ जउन इआमेर के काम करँइ बालेन काहीं दोसी ठहरउते हया, त का तूँ सोचते हया, कि हम परमातिमा से मिलय बाले सजा से बँचि जाब? का तूँ परमातिमा के असीमित दया अउर सहनसीलता अउर धीरज काहीं तुच्छ जनते हया? तोंहईं इआ जानँइ चाही, कि परमातिमा के दया तोंहईं पस्चाताप करब सिखाबत ही।





