खास चेलन 17:31
खास चेलन 17:31 BAG
काहेकि परमातिमा एकठे दिन निस्चित किहिन हीं, जउने माहीं ऊँ, उआ मनई के द्वारा धरम से संसार के मनइन के न्याय करिहँय, जिनहीं ऊँ ठहराइन हीं, अउर उनहीं मरेन म से जिन्दा कइके, ईं सगली बातन काहीं निस्चित कइ दिहिन हीं।”
काहेकि परमातिमा एकठे दिन निस्चित किहिन हीं, जउने माहीं ऊँ, उआ मनई के द्वारा धरम से संसार के मनइन के न्याय करिहँय, जिनहीं ऊँ ठहराइन हीं, अउर उनहीं मरेन म से जिन्दा कइके, ईं सगली बातन काहीं निस्चित कइ दिहिन हीं।”