खास चेलन 17:27
खास चेलन 17:27 BAG
कि ऊँ पंचे परमातिमा काहीं ढूढ़ँय, होइ सकत हय, कि ऊँ पंचे ढूँढ़िके पाय जाँय, तऊ ऊँ हमरे पंचन म से कोहू से दूरी नहिं आहीं!
कि ऊँ पंचे परमातिमा काहीं ढूढ़ँय, होइ सकत हय, कि ऊँ पंचे ढूँढ़िके पाय जाँय, तऊ ऊँ हमरे पंचन म से कोहू से दूरी नहिं आहीं!