प्रकाशन 2:10
प्रकाशन 2:10 OSJ
ज़ुंण दुख ताह भुगतणै, तेता का निं डरी, किल्हैकि भाल़ै, राख्सा आसा तम्हां मांझ़ै कई लाऐ दै कैद खानै पाई ताकि तम्हां परखी सके, तम्हां लागणअ दसा धैल़ै सांगट ज़िरनअ, प्राण दैणैं तैणीं रहै विश्वासी बणी, तै दैणअ मुंह ताल्है ज़िन्दगीओ मुगट।’

![[Revelation] To the Church, Part 2 प्रकाशन 2:10 बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र](/_next/image?url=https%3A%2F%2Fimageproxy.youversionapi.com%2Fhttps%3A%2F%2Fs3.amazonaws.com%2Fyvplans%2F26904%2F1440x810.jpg&w=3840&q=75)



