मोत्ती 24
24
परमेशरे भबनो बनाश
(मार्कुस 13:1,2; लूका 21:5,6)
1ईशू डेऊअ परमेशरे भबना का बागै, डेऊंदी बारी आऐ च़ेल्लै ईशू सेटा संघा लागै तिंयां ईशू संघै परमेशरे भबने बारै गल्ला करदै कि भबन भाल़ किहअ शोभलअ आसा। 2ईशू बोलअ तिन्नां लै, “तम्हां का शुझिआ इधी कि अह भबन एभै किहअ शोभलअ आसा। पर हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि अह पाणअ दुशमणा पठी ढोल़ी! एथ निं एकी पात्थरा प्रैंदै दुजअ पात्थर भेटणअ टेक्कअ द।”
ईशूओ फिरी एछणेंओ नछ़ैण
(मार्कुस 13:3-13; लूका 21:7-19)
3तेता बाद थिअ ईशू जैतून धारा बेठअ द। ईशू त कांगनरांगै एक्कै ज़ण्हअ अर तेतरी आऐ च़ेल्लै ईशू सेटा लै संघा लागै इहअ बोल्दै, “तूह खोज़ हाम्हां का कि ईंयां गल्ला केभै निभणी? हाम्हां का किहअ करै लागणअ थोघ कि तूह एछणअ छ़ेक्कै फिरी अर एऊ संसारा खतम हणैंओ किज़ै नछ़ैण हणअ?”
4ईशू बोलअ तिन्नां लै, “तम्हैं डाहै धैन! तम्हैं निं लोल़ी कुंणी झ़ुठी गल्ला खोज़ी कबाता पाऐ। 5कई एछणैं तम्हां सेटा मेरै नाओंऐं अर तिन्नां बोल़णअ इहअ, ‘हुंह आसा सह मसीहा ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ाडअ द।’ खास्सै मणछा करनअ तिन्नें गल्ला दी विश्वास।
6 “ज़ेभै तम्हां का देशै जुध हणें अर जुधे गल्ला शुण्हिंए, तेभै निं तम्हैं डरी। किल्हैकि ईंयां गल्ला हणीं आसा ज़रूरी, पर तेभै निं संसार खतम हणअ। 7एकी देशे लोगा पल़णअ दुजै देशे लोगा लै चुटी, एकी राज़ा करनअ दुजै राज़ा संघै जुध। ज़ैगै-ज़ैगै हणीं ज़ाज़री अर कई ज़ैगा पल़णै नकाल़। 8अह हणीं दाह-दुखे शुरूआत ज़ेही कहा बेटल़ी सूंणें दाहे शूल़ उझ़िआ। 9तेभै करनै लोगा तम्हैं कैद अर तिन्नां करनै तम्हां लै ज़ुल्म। कई पाणै तम्हां मांझ़ै तिन्नां मारी। हर देशे लोगा डाहणीं मुंह दी विश्वास करनै पिछ़ू तम्हां संघै ज़ीद। 10तेभै हणअ इहअ कि ज़ुंण एभै मुंह दी विश्वास करा, तिन्नां छ़ाडणअ विश्वास करनअ। तिन्नां डाहणीं आप्पू मांझ़ै ज़ीद अर मेरै च़ेल्लै मांझ़ै बझ़ैल़णै तिन्नां कई कैद करनै। 11खास्सै झ़ुठै गूर निखल़णैं अर तिन्नां पाणै मुंह दी विश्वास करनै आल़ै मांझ़ै खास्सै मणछ कबाता। 12हर ज़ैगा बढणअ पाप, खास्सै मणछा छ़ाडणीं झींण अर झ़ूरी करनी। 13पर ज़ुंण मुंह दी खिरी तैणीं विश्वास डाही सबर करे, तिंयां हेरनै बच़ाऊई। 14स्वर्ग राज़ो खुशीए समादो प्रच़ार खोज़णअ सारै संसारै सोभी लोगा का ताकि सोभी देशे लोगा लै खुशीए समादा मनणैओ मोक्कअ होए, तेखअ हणअ अह संसार खतम।
माहा सांगटे शुरूआत
(मार्कुस 13:14-23; लूका 21:20-24)
15 “ज़ेभै तम्हां सह बनाश करनै आल़ी छ़ोतली च़ीज़ भबनै पबित्र ज़ैगा खल़ी शुझिए, ज़ेते बारै खास्सी साला पैहलै परमेशरे गूर दानिएलै आसा खोज़ी डाहअ द। पहल़णैं आल़अ दै ऐहा गल्ला लै धैन! 16तेभै ज़ुंण यहूदा मुल्खै होए तिंयां ठुर्है धारा लै। 17ज़ुंण च़ाऊल़ी होए, तिंयां निं घअरा भितरा का किछ़ी गल्ला निंणे तैणीं उंधै होथी अर नां घअरा भितरा लै डेऊई बगत ज़ांऐं करी। 18ज़ुंण खेचै होए, तिंयां निं आपणैं झिकल़ै आणदै पिछ़ू डेऊई।
19 “तिन्नां धैल़ी ज़ुंण सुंदी बेटल़ी अर आपणैं शोहरू लै दुधा पणैंऊंदी होए तैहा लै हणअ ठुहर्नअ बडी आफ़त! 20प्राथणां करदै रहै लागी कि तम्हां हिंऊंदे धैल़ै अर बशैघे धैल़ै ठुहर्नअ नां पल़े। 21किल्हैकि तैहा घल़ी एछणअ इहअ दुख-सांगट कि ज़ुंण एऊ संसारे शुरू का आझ़ तैणीं कधि निं हुअ अर नां कधि हणअ। 22परमेशरै आसा आपणैं विश्वास करने आल़ेए बारै सोठी करै ईंयां सांगटे धैल़ी घटाऊई दी, नांईं ता संसारै निं कोह मणछ ज़िऊंदअ बच़णअ त। 23ज़ै कुंण तिन्नां धैल़ी तम्हां लै इहअ बोले, ‘भाल़ा मसीहा आसा इधी, अर मसीहा आसा तिधी!’ तिन्नें गल्लो विश्वास निं करी।
24 “किल्हैकि झ़ुठै मसीहा अर झ़ुठै गूर निखल़णैं अर तिन्नां पाणै बडै-बडै नछ़ैण अर च़मत्कार रहैऊई कबाता। ज़ै तिन्नों बश च़ले, तिन्नां तिंयां मणछ बी कबाता ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ांटै दै। 25ऐहा गल्लो डाहै तम्हैं धैन, ईंयां गल्ला डाही मंऐं तम्हां का पैहलै ई खोज़ी। 26तैही ज़ै तिंयां तम्हां का बोले कि भाल़ा, मसीहा आसा रेगीस्तानै, तम्हैं निं बागै निखल़ी। ज़ै कुंण इहअ बोले कि मसीहा आसा फलाणीं बाहूल़ी गुप्त रहअ द, तम्हैं निं तिन्नें गल्लो विश्वास करी।
27 “किल्हैकि ज़ेही बिज़ल़ी हेरा-हेरी पुर्बा का निखल़ी पछ़मा दी च़मकदी सोभी का शुझिआ, तिहअ शुझणअ हुंह मणछो पूत बी एऊ संसारा लै फिरी एछदअ। 28ज़िधी ल्हासा हआ, तिधी झाल़्हिआ गरली बी।
मुंह मणछे पूतो फिरी एछणअ
(मार्कुस 13:24-27; लूका 21:25-28)
29 “तिन्नां धैल़ीए दुख-सांगटा का बाद फिरनअ सुरज़ न्हैरअ अर ज़ोथ हणीं काल़ी। सरगा का अल़णैं तारै अर भ्रमंडे सारी शगती बी सिक्कणी आजू-पिछ़ू। 30तेभै शुझणअ तम्हां का मेरअ नछ़ैण सरगै। तेभै हणैं पृथूईए सोभ खिंब सोभी ज़ातीए मणछ हिक्का पटाक्की लेरा लांदै। हुंह मणछो पूत शुझणअ तिन्नां का महान शगती अर प्रतप्पा संघै सरगै बादल़ा बाती एछदअ। 31मुंह छ़ाडणैं नादे बडी छ़ेल़ा संघै आपणैं स्वर्ग दूत अर तिन्नां झाल़णैं सरगे एकी पुंझ़ा का दुजै पुंझ़ै तैणीं च़ऊ दिशा का तिंयां ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ांटै दै।
फेडूए बूटे कथ्या
(मार्कुस 13:28-31; लूका 21:29-33)
32 “फेडूए बूटा का लआ सबक, ज़ेभै तेथ प्लीर निखल़ा अर बझ़दी लागा, तेभै जाआ तम्हैं समझ़ी कि बसंते ऋत आसा नेल़। 33ठीक इहअ ई ज़ांऊं तम्हां ईंयां गल्ला हंदी शुझणीं, तम्हैं समझ़ै कि तिंयां धैल़ै आसा नेल़, दुआरा बागै पुजी। 34हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ेभै तैणीं ईंयां गल्ला निभी निं जाए, तेभै तैणीं निं ऐहा पोस्तीए लोग मरनै। 35सरग अर पृथूई टल़णीं पर मंऐं ज़ुंण गल्ला बोली, निभणी ज़रूर एही ई।
बिऊंतै रहै
(मार्कुस 13:32-37; लूका 17:26-30,34-36)
36 “तैहा धैल़ी अर तेऊ बगतो निं कोही का थोघ आथी कि ईंयां केभै हणीं। नां एतो थोघ स्वर्ग दूता का आथी अर नां पूता का। पर ऐहा गल्लो थोघ आसा सिधअ बाब परमेशरा का।
37 “ज़िहअ म्हारै दाद-बाब नूहे ज़मानैं हुअ, तिहअ ई हणअ मुंह मणछे पूतो फिरी एछणअ बी। 38किल्हैकि ज़िहै पाणीं करै हुई दी प्रल़या का आजी ज़ेभै तैणीं नूह ज़हाज़ा भितरी नांईं बेठअ, तेभै तैणीं रहै लोग खांदै-पिंदै अर तिन्नां मांझ़ै रहा ती बैह शादी हंदी। 39ज़ांऊं तैणीं तिंयां पाणींए प्रल़या दी डुबी मूंऐं निं आथी, तेभै तैणीं निं तिन्नां का किछ़ बी थोघ लागअ। ठीक तिहअ ई हणअ तेभै बी ज़ेभै हुंह मणछो पूत फिरी एछणअ। 40तैहा घल़ी हणअ इहअ कि ज़ुंण दूई ज़ण्हैं खेचै होए, तिन्नां मांझ़ै च़कणअ एक ज़ण्हअ उझै अर एक छ़ाडणअ तिधी। 41दूई बेटल़ी हणीं थरेटा दी नाज़ा पिशदी, एक च़कणी उझै अर दुजी छ़ाडणीं तिधी।
42 “तैही रहै तम्हैं बिऊंतै, किल्हैकि तम्हां का निं इहअ थोघ आथी कि थारअ प्रभू कहा धैल़ी एछणअ। 43पर इहअ लआ समझ़ी कि, ज़ै घअरे मालका का इहअ थोघ हंदअ कि च़ोर केऊ पहरै एछणअ, तै रहणअ त तेऊ बिऊंतै संघा निं आपणैं घअरै च़ोरी हणैं दैणीं ती। 44इहै ई रहा तम्हैं बी हर बगत तैर्हुई। किल्हैकि हुंह मणछो पूत बी एछणअ तैहा घल़ी ज़ेभा लै तम्हैं सोठअ निं हणअ।
विश्वासा करने जोगी दास अर कदुष्ट दास
(लूका 12:41-48)
45 “इहअ भरोस्सैमंद अर समझ़कार दास कुंण आसा ज़ुंण तेऊए मालकै दास-दासी प्रैंदै सैणअ डाहअ बणाईं ताकि तिन्नां लै रोटी-पाणीं करे दैई? 46मालक हआ तेऊ दासा लै खुश ज़हा तेऊओ मालक इहअ ई करदै भाल़े। 47हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि तेऊ बणाणअं सह आपणीं सारी ज़ैदातो भढारी।
48 “पर ज़ै सह कदुष्ट दास इहअ सोठे कि मेरै मालका एछणा लै आसा अज़ी खास्सी बल़ैग। 49संघा लागे सह होरी दास-दासी च़िक्कदअ-मारदअ अर आप्पू शूर-शराबा झुटदअ, 50तेऊ दासो मालक एछणअ तैहा धैल़ी फिरी, ज़ेभै एछणअ तेऊ सोठअ बी निं हणअ! सह एछणअ तैहा घल़ी ज़ेभै ज़ेतो तेऊ का थोघ निं हणअ। 51मालका दैणीं तेऊ लै घोर सज़ा। संघा पाणअ सह कपटी मणछा जैंदरी तैहा ज़ैगा ज़िधी मणछ सिधै लेरा लांदै अर दांदा कटिल्लदै रहा लागी।”
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मोत्ती 24
24
परमेशरे भबनो बनाश
(मार्कुस 13:1,2; लूका 21:5,6)
1ईशू डेऊअ परमेशरे भबना का बागै, डेऊंदी बारी आऐ च़ेल्लै ईशू सेटा संघा लागै तिंयां ईशू संघै परमेशरे भबने बारै गल्ला करदै कि भबन भाल़ किहअ शोभलअ आसा। 2ईशू बोलअ तिन्नां लै, “तम्हां का शुझिआ इधी कि अह भबन एभै किहअ शोभलअ आसा। पर हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि अह पाणअ दुशमणा पठी ढोल़ी! एथ निं एकी पात्थरा प्रैंदै दुजअ पात्थर भेटणअ टेक्कअ द।”
ईशूओ फिरी एछणेंओ नछ़ैण
(मार्कुस 13:3-13; लूका 21:7-19)
3तेता बाद थिअ ईशू जैतून धारा बेठअ द। ईशू त कांगनरांगै एक्कै ज़ण्हअ अर तेतरी आऐ च़ेल्लै ईशू सेटा लै संघा लागै इहअ बोल्दै, “तूह खोज़ हाम्हां का कि ईंयां गल्ला केभै निभणी? हाम्हां का किहअ करै लागणअ थोघ कि तूह एछणअ छ़ेक्कै फिरी अर एऊ संसारा खतम हणैंओ किज़ै नछ़ैण हणअ?”
4ईशू बोलअ तिन्नां लै, “तम्हैं डाहै धैन! तम्हैं निं लोल़ी कुंणी झ़ुठी गल्ला खोज़ी कबाता पाऐ। 5कई एछणैं तम्हां सेटा मेरै नाओंऐं अर तिन्नां बोल़णअ इहअ, ‘हुंह आसा सह मसीहा ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ाडअ द।’ खास्सै मणछा करनअ तिन्नें गल्ला दी विश्वास।
6 “ज़ेभै तम्हां का देशै जुध हणें अर जुधे गल्ला शुण्हिंए, तेभै निं तम्हैं डरी। किल्हैकि ईंयां गल्ला हणीं आसा ज़रूरी, पर तेभै निं संसार खतम हणअ। 7एकी देशे लोगा पल़णअ दुजै देशे लोगा लै चुटी, एकी राज़ा करनअ दुजै राज़ा संघै जुध। ज़ैगै-ज़ैगै हणीं ज़ाज़री अर कई ज़ैगा पल़णै नकाल़। 8अह हणीं दाह-दुखे शुरूआत ज़ेही कहा बेटल़ी सूंणें दाहे शूल़ उझ़िआ। 9तेभै करनै लोगा तम्हैं कैद अर तिन्नां करनै तम्हां लै ज़ुल्म। कई पाणै तम्हां मांझ़ै तिन्नां मारी। हर देशे लोगा डाहणीं मुंह दी विश्वास करनै पिछ़ू तम्हां संघै ज़ीद। 10तेभै हणअ इहअ कि ज़ुंण एभै मुंह दी विश्वास करा, तिन्नां छ़ाडणअ विश्वास करनअ। तिन्नां डाहणीं आप्पू मांझ़ै ज़ीद अर मेरै च़ेल्लै मांझ़ै बझ़ैल़णै तिन्नां कई कैद करनै। 11खास्सै झ़ुठै गूर निखल़णैं अर तिन्नां पाणै मुंह दी विश्वास करनै आल़ै मांझ़ै खास्सै मणछ कबाता। 12हर ज़ैगा बढणअ पाप, खास्सै मणछा छ़ाडणीं झींण अर झ़ूरी करनी। 13पर ज़ुंण मुंह दी खिरी तैणीं विश्वास डाही सबर करे, तिंयां हेरनै बच़ाऊई। 14स्वर्ग राज़ो खुशीए समादो प्रच़ार खोज़णअ सारै संसारै सोभी लोगा का ताकि सोभी देशे लोगा लै खुशीए समादा मनणैओ मोक्कअ होए, तेखअ हणअ अह संसार खतम।
माहा सांगटे शुरूआत
(मार्कुस 13:14-23; लूका 21:20-24)
15 “ज़ेभै तम्हां सह बनाश करनै आल़ी छ़ोतली च़ीज़ भबनै पबित्र ज़ैगा खल़ी शुझिए, ज़ेते बारै खास्सी साला पैहलै परमेशरे गूर दानिएलै आसा खोज़ी डाहअ द। पहल़णैं आल़अ दै ऐहा गल्ला लै धैन! 16तेभै ज़ुंण यहूदा मुल्खै होए तिंयां ठुर्है धारा लै। 17ज़ुंण च़ाऊल़ी होए, तिंयां निं घअरा भितरा का किछ़ी गल्ला निंणे तैणीं उंधै होथी अर नां घअरा भितरा लै डेऊई बगत ज़ांऐं करी। 18ज़ुंण खेचै होए, तिंयां निं आपणैं झिकल़ै आणदै पिछ़ू डेऊई।
19 “तिन्नां धैल़ी ज़ुंण सुंदी बेटल़ी अर आपणैं शोहरू लै दुधा पणैंऊंदी होए तैहा लै हणअ ठुहर्नअ बडी आफ़त! 20प्राथणां करदै रहै लागी कि तम्हां हिंऊंदे धैल़ै अर बशैघे धैल़ै ठुहर्नअ नां पल़े। 21किल्हैकि तैहा घल़ी एछणअ इहअ दुख-सांगट कि ज़ुंण एऊ संसारे शुरू का आझ़ तैणीं कधि निं हुअ अर नां कधि हणअ। 22परमेशरै आसा आपणैं विश्वास करने आल़ेए बारै सोठी करै ईंयां सांगटे धैल़ी घटाऊई दी, नांईं ता संसारै निं कोह मणछ ज़िऊंदअ बच़णअ त। 23ज़ै कुंण तिन्नां धैल़ी तम्हां लै इहअ बोले, ‘भाल़ा मसीहा आसा इधी, अर मसीहा आसा तिधी!’ तिन्नें गल्लो विश्वास निं करी।
24 “किल्हैकि झ़ुठै मसीहा अर झ़ुठै गूर निखल़णैं अर तिन्नां पाणै बडै-बडै नछ़ैण अर च़मत्कार रहैऊई कबाता। ज़ै तिन्नों बश च़ले, तिन्नां तिंयां मणछ बी कबाता ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ांटै दै। 25ऐहा गल्लो डाहै तम्हैं धैन, ईंयां गल्ला डाही मंऐं तम्हां का पैहलै ई खोज़ी। 26तैही ज़ै तिंयां तम्हां का बोले कि भाल़ा, मसीहा आसा रेगीस्तानै, तम्हैं निं बागै निखल़ी। ज़ै कुंण इहअ बोले कि मसीहा आसा फलाणीं बाहूल़ी गुप्त रहअ द, तम्हैं निं तिन्नें गल्लो विश्वास करी।
27 “किल्हैकि ज़ेही बिज़ल़ी हेरा-हेरी पुर्बा का निखल़ी पछ़मा दी च़मकदी सोभी का शुझिआ, तिहअ शुझणअ हुंह मणछो पूत बी एऊ संसारा लै फिरी एछदअ। 28ज़िधी ल्हासा हआ, तिधी झाल़्हिआ गरली बी।
मुंह मणछे पूतो फिरी एछणअ
(मार्कुस 13:24-27; लूका 21:25-28)
29 “तिन्नां धैल़ीए दुख-सांगटा का बाद फिरनअ सुरज़ न्हैरअ अर ज़ोथ हणीं काल़ी। सरगा का अल़णैं तारै अर भ्रमंडे सारी शगती बी सिक्कणी आजू-पिछ़ू। 30तेभै शुझणअ तम्हां का मेरअ नछ़ैण सरगै। तेभै हणैं पृथूईए सोभ खिंब सोभी ज़ातीए मणछ हिक्का पटाक्की लेरा लांदै। हुंह मणछो पूत शुझणअ तिन्नां का महान शगती अर प्रतप्पा संघै सरगै बादल़ा बाती एछदअ। 31मुंह छ़ाडणैं नादे बडी छ़ेल़ा संघै आपणैं स्वर्ग दूत अर तिन्नां झाल़णैं सरगे एकी पुंझ़ा का दुजै पुंझ़ै तैणीं च़ऊ दिशा का तिंयां ज़ुंण परमेशरै आसा छ़ांटै दै।
फेडूए बूटे कथ्या
(मार्कुस 13:28-31; लूका 21:29-33)
32 “फेडूए बूटा का लआ सबक, ज़ेभै तेथ प्लीर निखल़ा अर बझ़दी लागा, तेभै जाआ तम्हैं समझ़ी कि बसंते ऋत आसा नेल़। 33ठीक इहअ ई ज़ांऊं तम्हां ईंयां गल्ला हंदी शुझणीं, तम्हैं समझ़ै कि तिंयां धैल़ै आसा नेल़, दुआरा बागै पुजी। 34हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ेभै तैणीं ईंयां गल्ला निभी निं जाए, तेभै तैणीं निं ऐहा पोस्तीए लोग मरनै। 35सरग अर पृथूई टल़णीं पर मंऐं ज़ुंण गल्ला बोली, निभणी ज़रूर एही ई।
बिऊंतै रहै
(मार्कुस 13:32-37; लूका 17:26-30,34-36)
36 “तैहा धैल़ी अर तेऊ बगतो निं कोही का थोघ आथी कि ईंयां केभै हणीं। नां एतो थोघ स्वर्ग दूता का आथी अर नां पूता का। पर ऐहा गल्लो थोघ आसा सिधअ बाब परमेशरा का।
37 “ज़िहअ म्हारै दाद-बाब नूहे ज़मानैं हुअ, तिहअ ई हणअ मुंह मणछे पूतो फिरी एछणअ बी। 38किल्हैकि ज़िहै पाणीं करै हुई दी प्रल़या का आजी ज़ेभै तैणीं नूह ज़हाज़ा भितरी नांईं बेठअ, तेभै तैणीं रहै लोग खांदै-पिंदै अर तिन्नां मांझ़ै रहा ती बैह शादी हंदी। 39ज़ांऊं तैणीं तिंयां पाणींए प्रल़या दी डुबी मूंऐं निं आथी, तेभै तैणीं निं तिन्नां का किछ़ बी थोघ लागअ। ठीक तिहअ ई हणअ तेभै बी ज़ेभै हुंह मणछो पूत फिरी एछणअ। 40तैहा घल़ी हणअ इहअ कि ज़ुंण दूई ज़ण्हैं खेचै होए, तिन्नां मांझ़ै च़कणअ एक ज़ण्हअ उझै अर एक छ़ाडणअ तिधी। 41दूई बेटल़ी हणीं थरेटा दी नाज़ा पिशदी, एक च़कणी उझै अर दुजी छ़ाडणीं तिधी।
42 “तैही रहै तम्हैं बिऊंतै, किल्हैकि तम्हां का निं इहअ थोघ आथी कि थारअ प्रभू कहा धैल़ी एछणअ। 43पर इहअ लआ समझ़ी कि, ज़ै घअरे मालका का इहअ थोघ हंदअ कि च़ोर केऊ पहरै एछणअ, तै रहणअ त तेऊ बिऊंतै संघा निं आपणैं घअरै च़ोरी हणैं दैणीं ती। 44इहै ई रहा तम्हैं बी हर बगत तैर्हुई। किल्हैकि हुंह मणछो पूत बी एछणअ तैहा घल़ी ज़ेभा लै तम्हैं सोठअ निं हणअ।
विश्वासा करने जोगी दास अर कदुष्ट दास
(लूका 12:41-48)
45 “इहअ भरोस्सैमंद अर समझ़कार दास कुंण आसा ज़ुंण तेऊए मालकै दास-दासी प्रैंदै सैणअ डाहअ बणाईं ताकि तिन्नां लै रोटी-पाणीं करे दैई? 46मालक हआ तेऊ दासा लै खुश ज़हा तेऊओ मालक इहअ ई करदै भाल़े। 47हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि तेऊ बणाणअं सह आपणीं सारी ज़ैदातो भढारी।
48 “पर ज़ै सह कदुष्ट दास इहअ सोठे कि मेरै मालका एछणा लै आसा अज़ी खास्सी बल़ैग। 49संघा लागे सह होरी दास-दासी च़िक्कदअ-मारदअ अर आप्पू शूर-शराबा झुटदअ, 50तेऊ दासो मालक एछणअ तैहा धैल़ी फिरी, ज़ेभै एछणअ तेऊ सोठअ बी निं हणअ! सह एछणअ तैहा घल़ी ज़ेभै ज़ेतो तेऊ का थोघ निं हणअ। 51मालका दैणीं तेऊ लै घोर सज़ा। संघा पाणअ सह कपटी मणछा जैंदरी तैहा ज़ैगा ज़िधी मणछ सिधै लेरा लांदै अर दांदा कटिल्लदै रहा लागी।”
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