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जोना 1

1
बिधाता ज़िहअ हुकम किअ, जोना निं तिहअ किअ
1इज़राईल त एक जोना नाओं मणछ, तेऊओ बाब त अमाती। एकी बारी बोलअ बिधाता जोना लै इहअ, 2“तूह डेऊ एभी बडी नगरी निनबे लै, संघा दै तैहा नगरीए लोगा लै मेरअ समाद खोज़ी चतैनगी कि मंऐं लाअ तिन्‍नों बनाश करी, किल्हैकि मुखा आसा शुझदअ लागअ द कि निनबे नगरीए लोग आसा खास्सै कदुष्ट हुऐ दै।”
3पर जोना निं निनबे लै डेऊअ! सह ठुर्हअ बिधाता सेटा का पोर्ही उंबल़ी बाता तरशीश नगरी बाखा लै। सह पुजअ जोपा नगरी, तिधी भेटअ तेऊ तरशीश नगरी लै डेऊंदअ एक समुंदरो ज़हाज़। तेऊ दैनअ तेथ आपणअ कराऊअ संघा बेठअ तेथ होरी लोगा संघै। ताकि सह बिधाता सेटा का दूर ठुर्ही तरशीश नगरी लै डेओए।
4पर बिधाता छ़ाडी समुंदरे पाणीं दी बडी ढिश-बागर अर समुंदरै लागी एही उछ़टी छ़ाल्‍ली लागी ज़हाज़ा दी एही ज़ोरै लागदी कि ज़हाज़ च़ाल्‍लअ त चुटी! 5ज़हाज़ा दी बेठै दै सोभ लोग लागै डरै आपणैं देअआ-देबतै संज़रदै। ज़हाज़ा दी शुंआर सोभी लोगै शोटअ आपणअ ज़हाज़ा दी लादअ द समान समुंदरे पाणीं जैंदरी ताकि ज़हाज़ो बोझ़अ हल़कअ होए अर ज़हाज़ नां डुबे।
पर जोना डेऊअ ज़हाज़ा भितरी सोभी का थाल्‍ले मज़ला संघा रहअ तिधी घणीं निंजा सुत्ती! 6ज़हाज़े कप्ताना भेटअ सह तेथ सुत्तअ द, अर तेऊ बोलअ जोना लै, “लै तूह किज़ू आसा इधी नकैंस्सअ रहअ द सुत्ती? खल़अ उझ़ू संघा कर आपणैं देअआ का अरज़! हई सका कि तेरअ देअ तेरी अरज़ शुणें अर हाम्हां सोभी डुबणै का बच़ाऊई हेरे!”
7खिरी लागै ज़हाज़ा दी शुंआर सोभ लोग एकी-दुजै लै बोल्दै, “हाम्हां पुछ़णै परच़ी पाई आपणैं देअ कि अह आफ़त हाम्हां मांझ़ै कहा करै पल़ी।” तेखअ पाई तिन्‍नैं परच़ी अर तेथ निखल़अ जोनो नाअं! 8तेखअ लागै तिंयां लोग जोना लै बोल्दै, “ऐबै खोज़ तूह, अह आफ़त हाम्हां लै कुंणी पाई? तूह किज़ै काम करा? तूह आअ किधा का? तूह केऊ देशा का आअ? तेरी ज़ात किज़ै आसा?”
9जोना दैनअ तिन्‍नां लै ज़बाब, “हुंह आसा इब्रानी, हुंह मना स्वर्गे परमेशर बिधाता ज़ुंणी धरती अर समुंदर आसा बणाअं द।”
10जोना खोज़अ तिन्‍नां का इहअ कि सह आसा बिधाता सेटा का ठुर्ही आअ द। ऐहा गल्‍ला शूणीं डरै ज़हाज़े सोभ लोग होर बी खास्सै! तिन्‍नैं बोलअ जोना लै, “अह डाहअ तंऐं बिधाता लै बेघै कबध खटी!” 11ढिश-बागर अर छ़ाल्‍ली उझ़ुई होर बी खास्सी! तेखअ लागै लोग जोना पुछ़दै, “हाम्हां ताल्है किज़ै हुअ करनअ कि हाम्हैं ऐहा आफ़ता का बच़े?”
12जोना दैनअ ज़बाब, “मुंह शोटा ज़हाज़ा का बागै समुंदरै! तेखअ जाणी अह ढिश-बागर शांत हई। किल्हैकि मुखा आसा थोघ कि अह ढिश-बागर आफ़त आसा तम्हां लै मुंह ई करै पल़ी दी।”
13पर लोग निं जोना समुंदरै शोटणअ च़ाहंदै तै। तिन्‍नैं किई पूरअ ज़ोर लाई कोशिश कि ज़हाज़ा किधी समुंदरे बाढै पजैल़ी टकैल़ै, पर तिंयां निं इहअ करी सकै! ढिश-बागरी आणै तिंयां होर बी खास्सै हारी-मारी। 14तिंयां लागै बिधाता लै पकार पाई अरज़ करदै, “हे बिधाता, तूह निं हाम्हां एऊ मणछा मरनै पिछ़ू सज़ा दैई! एऊ नर्दोश मणछे हत्या करनैओ दोश निं हाम्हां लोल़ी लागअ। इना सोभी गल्‍ले ज़िम्मैंबार आसा तूह ई, अह किअ तंऐं आप्पै।”
15तेखअ च़कअ तिन्‍नैं जोना संघा शोटअ समुंदरै, अर हेरा-हेरी हुअ समुंदरो ढिश-बागर अर छ़ाल्‍ली शांत। 16ज़ांऊं इहअ हंदअ शुझुअ, ज़हाज़े सोभी लोगा पल़ी बिधाते डअर, अर तिन्‍नैं किऐ बिधाता लै बल़ीदान अर आजू लै बी मनी तिन्‍नैं एही मानत कि तिन्‍नां करनी सिधी बिधाते च़ाकरी।
17ज़ांऊं जोना समुंदरै पल़अ, बिधाता छ़ाडी एक बडी म्हाछ़ली कि सह जोना घुटी पाए। जोना रहअ चिई धैल़ी अर चिई राची तैणीं तैहा म्हाछ़लीए पेटै।

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जोना 1: OSJ

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