YouVersion Logo
Search Icon

ईशायाह 63

63
परमेशरो नसाफ अर उद्धार
1 # ईशा. 34:5-17; जेर. 49:7-22; एज. 25:12-14; 35:1-15; आम. 1:1-11,12; ओब. 1-14; मिक. 1:2-5 “एदोम देशे बोज़रा नगरी का कुंण आअ? अह कुंण आसा ज़ुंणीं खल़िद्द लाल झिकल़ै आसा बान्हैं दै अर महान बला संघै आसा एछदअ लागअ द?”
बिधाता दैनअ ज़बाब, “अह आसा हुंह। मंऐं हेरअ जुध ज़िती। मुखा आसा महान बल अर मंऐं हेरी आपणैं लोग बच़ाऊई।”
2“एऊए झिकल़ै किल्है आसा इहै खल़िद्द लाल, ज़िहअ कुंणी कोफरी दाख मांडी रस होए काढअ द?”
3बिधाता दैनअ ज़बाब, “मंऐं मांडै देश-देश कोफरी दाखा ज़िहै अर तेता लै निं मेरअ साथ कोही दैनअ। तिंयां पिल्‍लै मंऐं रोश्शै अर तिन्‍नें लोधल़ै करै छ़िटुऐ मेरै सारै झिकल़ै।#प्रका. 14:20; 19:15; प्रका. 19:13 4मंऐं भाल़अ आप्पै कि इज़राईले दुशमणा का बदल़ै लणेंओ बगत आसा अह ई। मेरी परज़ा आज़ाद करनैओ बगत गअ त पुजी। 5हुंह हुअ इहअ भाल़ी रहैन कि मेरअ साथ दैणैं आल़अ निं कोहै निखल़अ! पर मेरै रोश्शै दैनअ मुल्है होर बी खास्सअ बल अर मंऐं ज़ितअ आपणैं ज़ोरै अह जुध।#ईशा. 59:16 6मंऐं दैनी सोभी देशा जैंदरी हांढ किल्हैकि मुंह ती तिन्‍नां लै रोश्शै आई दी। मंऐं दैनअ तिन्‍नां लै आपणैं रोश्शा का झुटणैं। तिन्‍नों लोधल़अ पोछअ मंऐं धरनीं।”
इज़राईला लै परमेशरो जश
7मुंह खोज़णीं तिंयां गल्‍ला ज़ुंण बिधाता किई।
ज़ुंण बी तेऊ किअ, मुंह करनी तेता लै तेऊए ज़ै-ज़ैकार।
तेऊ दैनी इज़राईला लै बतेर्ही बर्गत किल्हैकि
सह झ़ूरा हाम्हां लै खास्सअ अर सह आसा हाम्हां लै झणैल़ू।
8बिधाता बोला इहअ, “ईंयां आसा मेरी परज़ा, इना निं मुल्है धोखअ दैणअ।” तैही बच़ाऊऐ बिधाता तिंयां 9तिन्‍नें सोभी दुख तकलिफी का। तिन्‍नां बच़ाऊंणै आल़अ निं कोहै स्वर्ग दूत थिअ, पर सह थिअ बिधाता आप्पै ज़ुंणी तिंयां बच़ाऊऐ। तेऊ बच़ाऊऐ तिंयां आपणीं झींण अर झ़ूरी करै, सह रहअ पैहलकी पोस्ती ओर्ही सदा तिन्‍नें हेर-सभाल़ करदअ लागी। 10पर तिन्‍नैं किअ बिधाता लै द्रोह संघा किई तेऊए पबित्र आत्मां दुखी। तैही हुअ बिधाता तिन्‍नों दुशमण संघा पल़अ तेऊ तिन्‍नां ई संघै जुध छ़ेल़णअ।#शधा. 7:51; इफि. 4:30
11पर तेखअ फिरी तिन्‍नां आपणीं पिछ़ली पोस्तीए तिंयां धैल़ै आद ज़ेऊ ज़मानै बिधातो गूर मोसा थिअ, तेखअ लागै तिंयां इहअ बोल्दै, “ऐबै सह बिधाता किधी आसा ज़ुंणीं आपणीं परज़ा तिन्‍नें डागै-चैणें हेल़्ही संघी लाल समुंदरा मांझ़ा-मांझ़ी पार टपाऊऐ तै? सह बिधाता किधी आसा ज़ुंणीं आपणीं आत्मां मोसा दी पाई ती? 12-13सह बिधाता किधी आसा ज़ुंणीं आपणैं ज़ोरा करै आपणैं गूर मोसा बाती महान काम किऐ, ज़ुंणीं लाल समुंदर ओर्ही-पोर्ही दूई बाखा किअ अर आपणीं परज़ा समुंदरा मांझ़ा-मांझ़ी डुघै पाणीं जैंदरी पार टपाऊऐ, ताकि सदा लै मशूर होए?”
तेऊ काढै तिंयां मांझ़ा-मांझ़ी इहै पार कि तिंयां हांढै बणें घोल़ै ज़िहै अर तिन्‍नां निं धख ज़ेही ठोहल़ बी लागी।#लुआ. 14:21 14ज़िहै डागै-चैणैं रज़दै-पज़दै सरलै खेचै नढैऊआ, तिहअ ई दैनअ बिधाता आपणीं परज़ा लै बशैघ। बिधाता नढैऊई आपणीं परज़ा ताकि तेऊए नाओं अदर होए।
झींण अर मज़त मांगणा लै अरज़
15बिधाता, स्वर्गा का भाल़ उंधै। आपणैं महान अर पबित्र राज़गाद्दी का भाल़ उंधै हाम्हां। तेरी हाम्हां लै महान झ़ूरी किधी आसा? तेरअ महान बल किधी आसा? तेरअ हाम्हां लै झ़ूरनअ अर झींण करनीं किल्है हुई दूर? 16म्हारअ बाब आसा तूह। म्हारै दाद-बाब आबराम झ़ाणीं हाम्हां आपणीं आद-लुआद नांईं मने अर इज़राईल झ़ाणीं हाम्हां आपणीं खिंबे नांईं समझ़े। पर हे बिधाता, म्हारअ बाब आसा तूह ज़ुंण सदा हाम्हां बच़ाऊंदी आअ।#जोह. 8:4 17बिधाता, तूह किल्है दैआ हाम्हां आप्पू का कबाता डेऊणैं? तूह किल्है दैआ हाम्हां हठू हणैं कि हाम्हैं तेरी कदर ई निं समझ़े? हे बिधाता, ऐबै एछ फिरी संघा कर म्हारी मज़त। हाम्हैं आसा सह टोली ज़ुंण तेरी आसा।
18हाम्हैं आसा तेरी पबित्र परज़ा, थोल़ी घल़ी लै काढै हाम्हैं म्हारै दुशमणै हाम्हैं दरल़ाऊई, तिन्‍नैं किई तेरी पबित्र ज़ैगा बी बरैबाद।#लूक. 21:24; शधा. 11:2 19ऐबै हुऐ हाम्हैं इहै, ज़िहअ कि तंऐं निं कधू हाम्हैं प्रैंदै राज़ ई किअ! ज़िहअ कि हाम्हैं निं कधू तेरी परज़ा आथी ई तै!

Currently Selected:

ईशायाह 63: OSJ

Highlight

Copy

Compare

Share

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in