ईशायाह 58:4-5
ईशायाह 58:4-5 OSJ
थारै ब्रतू रहणैंओ फल निखल़ा इहअ कि तम्हैं हआ रोश्शै आप्पू मांझ़ै झ़घल़दै लागै दै। तम्हैं कै सोठा कि इहअ ब्रत डाही करै कै मुंह थारी अरज़ शूणीं हेरनी? ब्रतू रही दैआ तम्हैं मणछ आप्पू लै दुख, तम्हैं करा मधनूंए घाह ज़िहअ धरनीं उटअ मूंड, धरनीं खिंथल़ी छ़ैई अर घेरी छ़ार मल़ी करा तम्हैं दखाअ। एता लै बोला तम्हैं ब्रत? तम्हैं कै सोठा कि थारै इहअ करनै करै हुंह बिधाता खुश जाणअ हई?





