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2 इतिहास 4

4
बिधाते भबना लै चाण-भांडै
(1 राज़ै 7:23-39)
1राज़ै सुलैमानै बणाईं एक कांस्से बेदी, सह थिई बिह हाथ च़कोर अर दस हाथ उछ़टी। 2एक बझ़ैल़अ तेऊ कांस्सैओ बडअ गोल़ कल़ाह बणाणैं सह थिअ प्रैंदा का दस हाथ खुल्हअ, तेते घेर थिई फेर-फिरदी तिह हाथ गोल़ अर सह थिअ कोई पांज़ हाथ उछ़टअ। 3कल़ाहे घेरै दी थिई उंधै उझै फेर-फिरदी दूई लगैगा दी खेल़्तर पाई दी। तिन्‍नां खेल़्तरा दी तै दस-दस बल्द खेल़ै दै अर तेते खेल़्तर ती तेऊ कल़ाह ई दी काढी दी। 4सह कल़ाह डाहअ बारा कांस्से बल्दा प्रैंदै। चिई बल्दो मुंह दखण, चिई बल्दो मुंह पुर्बा बाखा अर चिई बल्दो मुंह पछ़म दिशा बाखा। लिंघणैं तै तिन्‍नें पिछ़ू बाखा कल़ाह हेठै एकी ज़ैगा ज़ुल़ै दै अर तिन्‍नें पिठी प्रैंदै बशैल़अ कल़ाह। 5तेऊ कल़ाहो मडोखर त कोई च़ार आंगल़ मोट्टअ अर तेतो घेरअ ज़ाण्हिंआं त सुरघे फूला ज़िहअ। तेथ भितरी एछा त कोई तिह हज़ार बाटी पाणीं। 6तिन्‍नैं बणाऐं दस कल़ाह, पांज़ डाहै भबने दखणा बाखा अर पांज़ डाहै उतर दिशा बाखा। बिधाता लै हूम करनै का आजी धोआ तै तिन्‍नां कल़ाह दी बल़ीदान किऐ दै पशू। प्रोहता लै हाथ-खूर धोणा लै थिअ बडअ कल़ाह ज़ुदअ।
7-8दस बणाऐं सुन्‍नें सदीऐ तिहै ई ज़ेऊ साबै तेता बणाणेंओ बधान थिअ। दस बणाऐं मेज़ संघा डाहै पांज़ सदीऐ अर पांज़ मेज़ भबना भितरी दैहणीं बाखा अर पांज़ सदीऐ अर पांज़ मेज़ डाहै बाऊंईं बाखा। एक शौ बणाऐं सुन्‍नें प्रिहै।
9सुलैमानै बझ़ैल़ी प्रोहता लै दूई ताटी बणाणैं, तेथ लाई प्रऊल़ी अर तेते पाल्‍लै महल़ै कांस्सै करै। 10कांस्सैओ बडअ कल़ाह डाहअ भबने दैहणीं बाखा कूणीं नेल़ पुर्ब अर दखण दिशा मांझ़ा-मांझ़ी।
हिराम ठठारै बणाईं दी च़िज़ा
(1 राज़ै 7:40-50)
11-16हिराम ठठारै बणाऐं हांडै, बाटी, पल़ैंज़ै अर कई च़िज़ा। बिधाते भबना लै ज़ेही-ज़ेही च़िज़ा बणाणेंओ हुकम राज़ै सुलैमानै किअ त, हिरामै किअ तिन्‍नां सोभी च़िज़ा बणाईं आपणअ काम पूरअ। तेऊ बणाईं ईंयां च़िज़ा:
दूई कांस्से बडै थाम्ह,
थाम्हा प्रैंदा लै दूई बडै-बडै कांस्से टोप,
शांघल़ी ज़ेही ज़ाल़ीदार खेल़्तरा आल़ी कांगणी,
तिन्‍नां च़ऊ कांगणी लै नारदाणैं ज़िहै च़ार शौ शल़ुम्हणूं।
दस गाड्डै अर तेता प्रैंदै कांस्से दस डबरै।
बडअ कल़ाह अर तेता हेठै बारा बल्द, होर बतिल्‍लै अर
बाटी, पल़ैंज़ै अर कल़गैथू।
17ईंयां सोभै समान बझ़ैल़ै तै राज़ै सुलैमानै जरदण खागै सक्‍कोत अर सारतान मांझ़ै तैहा ज़ैगा बणाणैं ज़िधी च़कणाट माट्टअ आसा। 18अह कांस्सैओ समान निं सुलैमानै तोलअ ई आथी किल्हैकि ईंयां तै खास्सै, तिहअ करै निं थोघ ई आथी कि तेथ केतरअ कांस्सअ लागअ।
19ज़ेतरी च़िज़ा राज़ै सुलैमानै बिधाते भबना लै बणाईं तिंयां महल़ी सोभ सुन्‍नैं करै: बेदी, भोज़ना डाहणां लै मेज़, 20खास पबित्र ज़ैगा आजूए दस सदीऐ, पांज़ दखण दिशा बाखा अर पांज़ उतर दिशा बाखा, 21फूल, दीऐ, च़िमटै, 22डबरी, काता, बाटी, धूप दानी, धनैरै। भितरा बाखा खास पबित्र ज़ैगा अर भबने बाघली प्रऊल़ीए कल़ोलै बी महल़ै सुन्‍नैं करै।

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