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प्रकाशितवाक्य 6:5-6

प्रकाशितवाक्य 6:5-6 BGC

अर जिब उसनै तीसरी मोहर खोल्‍ली, तो मन्‍नै तीसरे प्राणी ताहीं न्यू कहन्दे सुण्या, के “आ” अर मन्‍नै निगांह करी, अर देक्खो, मन्‍नै एक काळे घोड़े ताहीं लिकड़दे देख्या, अर उसकै सवार कै हाथ म्ह एक ताखड़ी सै। अर मन्‍नै उन च्यांरु प्राणियाँ कै बिचाळै तै एक शब्द न्यू कहन्दे सुण्या, के एक दीनार एक दिन की मजदूरी भोत सै, एक किलो गेहूँ, या तीन किलो जौ लेण खात्तर, पर तेल अर अंगूर के रस की किम्मत ना बदलिये।

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