प्रकाशितवाक्य 22:17
प्रकाशितवाक्य 22:17 BGC
अर आत्मा, अर बन्दड़ी दोन्नु कहवै सै, “आ!” अर सुणण आळा भी कहवै, के “आ!” अर जो तिसाया हो, वो आवै अर जो कोए चाहवै वो जीवन का पाणी मुफ्त म्ह ले।
अर आत्मा, अर बन्दड़ी दोन्नु कहवै सै, “आ!” अर सुणण आळा भी कहवै, के “आ!” अर जो तिसाया हो, वो आवै अर जो कोए चाहवै वो जीवन का पाणी मुफ्त म्ह ले।