भजन संहिता 67:4
भजन संहिता 67:4 BGC
राज्य-राज्य के माणस खुशी मनावै, अर जयजयकार करै, क्यूँके तू देश-देश के माणसां का न्याय धर्म तै करैगा, अर धरती के राज्य-राज्य के माणसां की अगुवाई करैगा।
राज्य-राज्य के माणस खुशी मनावै, अर जयजयकार करै, क्यूँके तू देश-देश के माणसां का न्याय धर्म तै करैगा, अर धरती के राज्य-राज्य के माणसां की अगुवाई करैगा।