भजन संहिता 141:4
भजन संहिता 141:4 BGC
मेरा मन किसे बुरी बात की ओड़ फिरण ना दे; मै अनर्थकारी माणसां कै गैल, बुरे काम्मां म्ह ना लाग्गू, अर मै उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं म्ह तै कुछ ना खाऊँ!
मेरा मन किसे बुरी बात की ओड़ फिरण ना दे; मै अनर्थकारी माणसां कै गैल, बुरे काम्मां म्ह ना लाग्गू, अर मै उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं म्ह तै कुछ ना खाऊँ!