भजन संहिता 111:10
भजन संहिता 111:10 BGC
बुद्धि की जड़ परमेसवर का डर सै; जितने उसके हुकमां नै मान्नै सै, उनकी समझ आच्छी होवै सै। उसकी स्तुति सदा बणी रहवैगी।
बुद्धि की जड़ परमेसवर का डर सै; जितने उसके हुकमां नै मान्नै सै, उनकी समझ आच्छी होवै सै। उसकी स्तुति सदा बणी रहवैगी।