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यशायाह 46:10-11

यशायाह 46:10-11 BGC

मै तो अन्त की बात शरुआत तै अर पुराणे बखत तै उस बात ताहीं बतान्दा आया सूं जो इब ताहीं न्ही होई। मै कहूँ सूं, ‘मेरी युक्ति स्थिर रहवैगी अर मै अपणी इच्छा नै पूरी करुँगा।’ मै पूर्व तै एक उकाब पंछी नै यानिके दूर देश तै अपणी युक्ति के पूरा करण आळे माणस नै बुलाऊँ सूं। मन्‍नै ए या बात कही सै अर उसनै पूरी भी करुँगा; मन्‍नै यो विचार करया सै अर उसनै सफल भी करुँगा।”

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