यशायाह 41
41
इस्राएल नै परमेसवर की तसल्ली
1यशायाह नै फेर या भविष्यवाणी करी, परमेसवर न्यू कहवै सै, “हे द्वीपों पै बसण आळेयो, मेरै स्याम्ही चुप रहो; देश-देश के माणस नया बल पावै; वे धोरै आकै बोल्ले; हम आप्पस म्ह न्याय कै खात्तर एक दुसरे कै धोरै आवां।”
2किसनै पूर्व दिशा तै एक ताहीं उभारया सै, जिसनै वो धार्मिकता कै गैल अपणे पायां के धोरै बुलावै सै? वो जात्तां ताहीं उसके बस म्ह कर देवै अर उस नै राजयां पै अधिकारी ठहरावै सै; वो अपणी तलवार तै उननै धूळ की तरियां, अर अपणे धनुष तै उड़ाए होए भूसे की तरियां कर देवै सै। 3वो उननै खदेड़ै#41:3 वो उननै खदेड़ै जिब वे भाजण लागरे थे फेर उसनै उनका पिच्छा अर उननै घबराहट अर विनाश कै अधीन कर दिया। अर इसे राह तै, जिसपै वो कदे न्ही चाल्या था, बिना रोक-टोक आगै बढ़ै सै। 4किसनै यो काम करया सै अर शरुआत तै पीढ़ियाँ नै बुलान्दा आया सै? मै यहोवा, जो सबतै पैहला, अर आखरी के बखत रहूँगा; मै वोए सूं।
5द्वीप देखकै डरै सैं, धरती के दूर देश काँम्ब उठे अर धोरै आ ग्ये सैं। 6वे एक दुसरे की मदद करै सैं अर उन म्ह तै एक अपणे भाई तै कहवै सै, “हिम्मत बाँध!” 7बढ़ई सुनार ताहीं अर हथौड़े तै बराबर करण आळा निहाई पै मारण आळे नै न्यू कहकै हिम्मत देण लागरया सै, “जोड़ तो आच्छा सै,” आखर म्ह वो कील ठोक-ठोक कै उस ताहीं इसा मजबूत करै सै के वो स्थिर रहे।
8हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुणे होए याकूब, हे मेरे दोस्त अब्राहम के वंश; 9तू जिस ताहीं मन्नै धरती के दूर-दूर देशां तै लिया अर धरती की छोर तै बुलाकै न्यू कह्या, “तू मेरा दास सै, मन्नै तेरे ताहीं चुण्या सै अर छोड्या न्ही;” 10मत डरै, क्यूँके मै तेरै गैल सूं, आस्सै-पास्सै ना देक्खै, क्यूँके मै तेरा परमेसवर सूं; मै तेरे ताहीं मजबूत करुँगा अर तेरी मदद करुँगा, अपणे धर्ममय सोळे हाथ तै मै तेरे ताहीं सम्भाळे रहूँगा।
11देख, जो तेरे खिलाफ सैं, वे सब शर्मसार होवैंगे; जो तेरै तै झगड़ै सैं उनके मुँह काळे होवैंगे अर वे नाश होकै मिट जावैंगे। 12जो तेरै तै लड़ै सैं उननै ढूँढ़ण पै भी तू न्ही पावैगा; जो तेरै तै युद्ध करै सैं वे नाश होकै मिट जावैंगे। 13क्यूँके मै तेरा परमेसवर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कै कहूँगा, “मत डर, मै तेरी मदद करुँगा।”
14यहोवा न्यू कहवै सै, “हे कीड़े के बराबर याकूब, हे इस्राएल के माणसों, ना डरो! यहोवा की या वाणी सै, मै तेरी मदद करुँगा; इस्राएल का पवित्र परमेसवर तेरा छुड़ाण आळा सै।” 15देख, मन्नै तेरे ताहीं छुरी आळा काटण का एक नया अर बढ़िया औजार ठहराया सै; तू पहाड़ां नै मसळ-मसळकै#41:15 पहाड़ां नै मसळ-मसळकै अर पहाड़ियाँ तै मतलब सै यहूदियाँ कै बिरुध्द बड़े अर छोट्टे सब देश उनके अधीन हो जावैंगे। धूळ कर देवैगा, अर पहाड़ियाँ ताहीं तू भूसे की तरियां कर देगा।
16तू उननै फटकैगा, अर हवा उननै उड़ा ले जावैगी, अर आँधी उननै आस्सै-पास्सै कर देगी। पर तू यहोवा कै कारण मगन होगा, अर इस्राएल के पवित्र कै कारण बड़ाई करैगा।
17जिब दीन अर गरीब माणस पाणी ढूँढ़ण पै भी ना पावै अर उनका ताळवा प्यास के मारे सूख जावै; मै यहोवा उनकी बिनती सुणूँगा, मै इस्राएल का परमेसवर उननै न्ही छोड़ूँगा। 18मै सूखे टील्यां तै भी नदियाँ अर मैदान्नां कै बीच म्ह चोवें बहाऊँगा; मै जंगळ ताहीं ताल अर निर्जल देश नै चोए ए चोए कर देऊँगा। 19मै जंगळ म्ह देवदार, किक्कर, मेंहदी, अर जैतून उगाऊँगा; मै अराबा म्ह सनोवर, चिनार दरखत, अर चीड़ के दरखत कठ्ठे लगाऊँगा; 20जिसतै सारे माणस देखकै जाण लें, अर सोचकै पूरी तरियां तै समझलै के यो यहोवा के हाथ का करया होया अर इस्राएल के पवित्र परमेसवर का सिरज्या होया सै।
मूर्तियाँ की निरर्थकता
21यहोवा कहवै सै, “अपणा मुकद्दमा लड़ो,” याकूब का राजा कहवै सै, “अपणे सबूत द्यो।” 22वे उननै देकै म्हारे ताहीं बतावै के भविष्य म्ह के होवैगा? पूर्वकाल की सारी घटना बताओ के शरुआत म्ह के-के होया, जिसतै हम उननै सोचकै जाण सकां के भविष्य म्ह उनका के फळ होवैगा; या होण आळी सारी घटना म्हारे ताहीं सुणा द्यो। 23भविष्य म्ह जो कुछ घटैगा वो बताओ, फेर हम मान्नैगें के थम ईश्वर सों; भला या बुरा, कुछ तो करो के हम देखकै हैरान हो जावां। 24देक्खो, थम कुछ न्ही सों#41:24 देक्खो, थम कुछ न्ही सों यो मूर्तियाँ कै खात्तर कह्या गया सै अर कहण का मतलब सै के वे बेकार अर शक्तिहीन सै। वे अपणे मान्नण आळयां की मदद करण म्ह लायक न्ही सै।, थारे तै कुछ न्ही बणदा; जो कोए थमनै चाहवै सै वो घृणित सै।
25मन्नै#41:25 मन्नै साइरस, फारसी सम्राट एक ताहीं उत्तर दिशा तै उभारया, वो आ भी ग्या सै; वो पूर्व दिशा तै सै अर मेरा नाम लेवै सै; जिसा कुम्हार आळी माट्टी नै लताड़ै सै, उसाए वो हाकिमां नै कीच की तरियां लताड़ देवैगा। 26किसनै इस बात ताहीं पैहले तै बताया था, जिसतै हम या जाण्दे? किसनै पूर्वकाल तै यो जाहिर करया जिसतै हम कहवां के वो सच्चा सै? कोए भी बताण आळा न्ही, कोए भी सुणण आळा न्ही, थारी बात्तां का कोए भी सुणण आळा न्ही सै। 27मन्नै ए सबतै पैहल्या सिय्योन तै यो समाचार दिया, “देख, उननै देख,” अर मन्नै यरुशलेम ताहीं एक शुभ समाचार देण आळा भेज्या। 28मन्नै देवतां म्ह देखण पै भी किसे ताहीं न्ही पाया; उन म्ह कोए मंत्री न्ही जो मेरे पूछण पै कुछ जवाब दे सकै। 29सुणो, उन सारे देवतां के काम अनर्थ सैं; उनके काम निकम्मे सैं, अर उनकी ढळी होई मूर्ति हवा अर भ्रम सैं।
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Haryanvi Bible (हरियाणवी), by Beyond Translation is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.
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इस्राएल नै परमेसवर की तसल्ली
1यशायाह नै फेर या भविष्यवाणी करी, परमेसवर न्यू कहवै सै, “हे द्वीपों पै बसण आळेयो, मेरै स्याम्ही चुप रहो; देश-देश के माणस नया बल पावै; वे धोरै आकै बोल्ले; हम आप्पस म्ह न्याय कै खात्तर एक दुसरे कै धोरै आवां।”
2किसनै पूर्व दिशा तै एक ताहीं उभारया सै, जिसनै वो धार्मिकता कै गैल अपणे पायां के धोरै बुलावै सै? वो जात्तां ताहीं उसके बस म्ह कर देवै अर उस नै राजयां पै अधिकारी ठहरावै सै; वो अपणी तलवार तै उननै धूळ की तरियां, अर अपणे धनुष तै उड़ाए होए भूसे की तरियां कर देवै सै। 3वो उननै खदेड़ै#41:3 वो उननै खदेड़ै जिब वे भाजण लागरे थे फेर उसनै उनका पिच्छा अर उननै घबराहट अर विनाश कै अधीन कर दिया। अर इसे राह तै, जिसपै वो कदे न्ही चाल्या था, बिना रोक-टोक आगै बढ़ै सै। 4किसनै यो काम करया सै अर शरुआत तै पीढ़ियाँ नै बुलान्दा आया सै? मै यहोवा, जो सबतै पैहला, अर आखरी के बखत रहूँगा; मै वोए सूं।
5द्वीप देखकै डरै सैं, धरती के दूर देश काँम्ब उठे अर धोरै आ ग्ये सैं। 6वे एक दुसरे की मदद करै सैं अर उन म्ह तै एक अपणे भाई तै कहवै सै, “हिम्मत बाँध!” 7बढ़ई सुनार ताहीं अर हथौड़े तै बराबर करण आळा निहाई पै मारण आळे नै न्यू कहकै हिम्मत देण लागरया सै, “जोड़ तो आच्छा सै,” आखर म्ह वो कील ठोक-ठोक कै उस ताहीं इसा मजबूत करै सै के वो स्थिर रहे।
8हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुणे होए याकूब, हे मेरे दोस्त अब्राहम के वंश; 9तू जिस ताहीं मन्नै धरती के दूर-दूर देशां तै लिया अर धरती की छोर तै बुलाकै न्यू कह्या, “तू मेरा दास सै, मन्नै तेरे ताहीं चुण्या सै अर छोड्या न्ही;” 10मत डरै, क्यूँके मै तेरै गैल सूं, आस्सै-पास्सै ना देक्खै, क्यूँके मै तेरा परमेसवर सूं; मै तेरे ताहीं मजबूत करुँगा अर तेरी मदद करुँगा, अपणे धर्ममय सोळे हाथ तै मै तेरे ताहीं सम्भाळे रहूँगा।
11देख, जो तेरे खिलाफ सैं, वे सब शर्मसार होवैंगे; जो तेरै तै झगड़ै सैं उनके मुँह काळे होवैंगे अर वे नाश होकै मिट जावैंगे। 12जो तेरै तै लड़ै सैं उननै ढूँढ़ण पै भी तू न्ही पावैगा; जो तेरै तै युद्ध करै सैं वे नाश होकै मिट जावैंगे। 13क्यूँके मै तेरा परमेसवर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कै कहूँगा, “मत डर, मै तेरी मदद करुँगा।”
14यहोवा न्यू कहवै सै, “हे कीड़े के बराबर याकूब, हे इस्राएल के माणसों, ना डरो! यहोवा की या वाणी सै, मै तेरी मदद करुँगा; इस्राएल का पवित्र परमेसवर तेरा छुड़ाण आळा सै।” 15देख, मन्नै तेरे ताहीं छुरी आळा काटण का एक नया अर बढ़िया औजार ठहराया सै; तू पहाड़ां नै मसळ-मसळकै#41:15 पहाड़ां नै मसळ-मसळकै अर पहाड़ियाँ तै मतलब सै यहूदियाँ कै बिरुध्द बड़े अर छोट्टे सब देश उनके अधीन हो जावैंगे। धूळ कर देवैगा, अर पहाड़ियाँ ताहीं तू भूसे की तरियां कर देगा।
16तू उननै फटकैगा, अर हवा उननै उड़ा ले जावैगी, अर आँधी उननै आस्सै-पास्सै कर देगी। पर तू यहोवा कै कारण मगन होगा, अर इस्राएल के पवित्र कै कारण बड़ाई करैगा।
17जिब दीन अर गरीब माणस पाणी ढूँढ़ण पै भी ना पावै अर उनका ताळवा प्यास के मारे सूख जावै; मै यहोवा उनकी बिनती सुणूँगा, मै इस्राएल का परमेसवर उननै न्ही छोड़ूँगा। 18मै सूखे टील्यां तै भी नदियाँ अर मैदान्नां कै बीच म्ह चोवें बहाऊँगा; मै जंगळ ताहीं ताल अर निर्जल देश नै चोए ए चोए कर देऊँगा। 19मै जंगळ म्ह देवदार, किक्कर, मेंहदी, अर जैतून उगाऊँगा; मै अराबा म्ह सनोवर, चिनार दरखत, अर चीड़ के दरखत कठ्ठे लगाऊँगा; 20जिसतै सारे माणस देखकै जाण लें, अर सोचकै पूरी तरियां तै समझलै के यो यहोवा के हाथ का करया होया अर इस्राएल के पवित्र परमेसवर का सिरज्या होया सै।
मूर्तियाँ की निरर्थकता
21यहोवा कहवै सै, “अपणा मुकद्दमा लड़ो,” याकूब का राजा कहवै सै, “अपणे सबूत द्यो।” 22वे उननै देकै म्हारे ताहीं बतावै के भविष्य म्ह के होवैगा? पूर्वकाल की सारी घटना बताओ के शरुआत म्ह के-के होया, जिसतै हम उननै सोचकै जाण सकां के भविष्य म्ह उनका के फळ होवैगा; या होण आळी सारी घटना म्हारे ताहीं सुणा द्यो। 23भविष्य म्ह जो कुछ घटैगा वो बताओ, फेर हम मान्नैगें के थम ईश्वर सों; भला या बुरा, कुछ तो करो के हम देखकै हैरान हो जावां। 24देक्खो, थम कुछ न्ही सों#41:24 देक्खो, थम कुछ न्ही सों यो मूर्तियाँ कै खात्तर कह्या गया सै अर कहण का मतलब सै के वे बेकार अर शक्तिहीन सै। वे अपणे मान्नण आळयां की मदद करण म्ह लायक न्ही सै।, थारे तै कुछ न्ही बणदा; जो कोए थमनै चाहवै सै वो घृणित सै।
25मन्नै#41:25 मन्नै साइरस, फारसी सम्राट एक ताहीं उत्तर दिशा तै उभारया, वो आ भी ग्या सै; वो पूर्व दिशा तै सै अर मेरा नाम लेवै सै; जिसा कुम्हार आळी माट्टी नै लताड़ै सै, उसाए वो हाकिमां नै कीच की तरियां लताड़ देवैगा। 26किसनै इस बात ताहीं पैहले तै बताया था, जिसतै हम या जाण्दे? किसनै पूर्वकाल तै यो जाहिर करया जिसतै हम कहवां के वो सच्चा सै? कोए भी बताण आळा न्ही, कोए भी सुणण आळा न्ही, थारी बात्तां का कोए भी सुणण आळा न्ही सै। 27मन्नै ए सबतै पैहल्या सिय्योन तै यो समाचार दिया, “देख, उननै देख,” अर मन्नै यरुशलेम ताहीं एक शुभ समाचार देण आळा भेज्या। 28मन्नै देवतां म्ह देखण पै भी किसे ताहीं न्ही पाया; उन म्ह कोए मंत्री न्ही जो मेरे पूछण पै कुछ जवाब दे सकै। 29सुणो, उन सारे देवतां के काम अनर्थ सैं; उनके काम निकम्मे सैं, अर उनकी ढळी होई मूर्ति हवा अर भ्रम सैं।
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