होशे 2
2
1इस करकै थम अपणे भाईयाँ तै अम्मी अर अपणी भाणां तै रुहामा कहो।
परमेसवर के अबिश्वासी माणस
2“अपणी माँ तै विवाद करो, विवाद क्यूँके वो मेरी जनान्नी न्ही, अर ना मै उसका घरआळा सूं। वो अपणे मुँह पै तै अपणे ओछापण नै अर अपणी छातियाँ कै बीच तै व्यभिचारां नै अलग करै; 3न्ही तो मै उसके कपड़े तारकै उसनै जन्म के दिन की तरियां नंगी कर दियुँगा, अर उसनै मरुस्थल की तरियां अर मरुभूमि सरीखी कै जिसी बणाऊँगा, अर उसनै प्यास तै मार दियुँगा। 4उसके बाळकां पै भी मै कुछ दया न्ही करुँगा, क्यूँके वे कुकर्म के बाळक सैं। 5उनकी माँ नै ओछापण करया सै; जिसके गर्भ म्ह वे पड़े, उसनै शर्म कै लायक काम करया सै। उसनै कह्या, ‘मेरे यार जो मेरे ताहीं रोट्टी-पाणी, ऊन, सण, तेल अर मदिरा देवैं सैं, मै उन्हे कै पाच्छै चाल्लुँगी।’ 6इसनै देक्खो, मै उसके राह नै काण्डयाँ तै घेरुँगा, अर इसा बाड़ा खड्या करुँगा के वा राह ना पा सकैगी। 7वो अपणे यारां कै पाच्छै चाल्लण तै भी उननै ना पावैगी; अर उननै ढूँढ़ण तै भी ना पावैगी। फेर वा कहवैगी, ‘मै अपणे पैहले पति कै धोरै फेर बोहड़ जाऊँगी, क्यूँके मेरी पैहली हालत इस बखत की हालत तै आच्छी थी।’ 8वा या न्ही जाणै थी, के अन्न, नया दाखमधु अर तेल मै ए उसनै देऊँ था, अर उसकै खात्तर वो चाँदी-सोन्ना जिस ताहीं वे बाल देवता के काम म्ह ले आवैं सैं, मै ए बढ़ाऊँ था। 9इस कारण मै अन्न के मौसम म्ह अपणे अन्न नै, अर नये दाखमधु के होण कै बखत म्ह अपणे नये दाखमधु नै हर ल्यूँगा; अर अपणा ऊन अर सण भी जिनतै वा अपणी देह ढाँप्पै सै, मै छीन ल्यूँगा। 10इब मै उसके यारां कै स्याम्ही उसके देह नै उघाड़ूँगा, अर मेरे हाथ तै कोए उसनै छुड़ा न्ही सकैगा। 11अर मै उसके त्यौहार, नये चाँद अर विश्रामदिन बाकी सारे नियत बखतां के त्यौहारां का अन्त कर दियुँगा। 12मै उसकी दाख की बेल अर अंजीर के दरखतां नै, जिनके बारै म्ह वा कहवै सै के या मेरे ओच्छेपण की कमाई सै जिस ताहीं मेरे यारां नै मेरे ताहीं दिया सै, उननै इसा उजाड़ूँगा के वे जंगळ जिसे हो जावैंगे, अर जंगळी-पशु उननै चर लेवैगें। 13वे दिन जिन म्ह वा बाल देवत्यां कै खात्तर धूप जळान्दी, अर नथली अर हार पहरे अपणे यारां कै पाच्छै जान्दी अर मेरे ताहीं भूल्ली रहवै थी, उन दिनां की सजा मै उसनै देऊँगा, यहोवा की याए वाणी सै।”
परमेसवर की उसके माणसां पै दया
14“इस करकै देक्खो, मै उसनै मोहित करकै जंगळ म्ह ले जाऊँगा, अर ओड़ै उसतै शान्ति की बात कहूँगा। 15ओड़ैए मै उसनै दाख की बारियाँ देऊँगा, अर आकोर की तराई नै उम्मीद का द्वार कर दियुँगा अर ओड़ै वा मेरे ताहीं इसी बात कहवैगी जिसी अपणी जवानी के दिनां म्ह यानिके मिस्र देश तै चाल्ले आण कै बखत कहवै थी। 16अर यहोवा की या वाणी सै के उस बखत तू मेरे ताहीं पति कहवैगी अर फेर बाली ना कहवैगी। 17क्यूँके भविष्य म्ह मै उसनै बाल देवत्यां के नाम न्ही लेण देऊँगा; अर ना उनके नाम फेर याद रहवैगें। 18अर उस बखत मै उनकै खात्तर जंगळी-पशुआं अर अकास कै पन्छियाँ अर धरती पर के रेंगण आळे जन्तुआं कै गैल करार करुँगा, अर धनुष अर तलवार तोड़कै युद्ध नै उनके देश तै दूर कर दियुँगा; अर इसा करुँगा के वे माणस निडर सोया करैंगे। 19मै सदा कै खात्तर तेरे ताहीं अपणी जनान्नी बणाण की प्रतिज्ञा करुँगा, अर या प्रतिज्ञा धार्मिकता, अर न्याय, अर करुणा, अर दया कै गैल करुँगा। 20या सच्चाई कै गैल करी जावैगी, अर तू यहोवा नै जाण लेवैगी#2:20 तू यहोवा नै जाण लेवैगी परमेसवर नै इस तरियां जाणणा, परमेसवर का आच्छा व्यवहार अर प्यार कै कारण ए होगा। हम परमेसवर तै प्यार करां सां क्यूँके उसनै पैहल्या म्हारे तै प्यार करया। अर परमेसवर के सच्चे ज्ञान म्ह उसका प्यार शामिल सै।।”
21“यहोवा की या वाणी सै के उस बखत मै अकास की सुणकै उसनै जवाब देऊँगा, अर वो धरती की सुणकै उसनै उत्तर देवैगा; 22अर धरती अन्न, नये दाखमधु, अर ताजे तेल की सुणकै उननै जवाब देवैगी, अर वे यिज्रेल नै जवाब देवैंगे। 23मै अपणे खात्तर उसनै देश म्ह बोऊँगा, अर लोरुहामा पै दया करुँगा, अर लोअम्मी तै कहूँगा, तू मेरी प्रजा सै, अर वो कहवैगा, ‘हे मेरे परमेसवर।’”
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Haryanvi Bible (हरियाणवी), by Beyond Translation is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.
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1इस करकै थम अपणे भाईयाँ तै अम्मी अर अपणी भाणां तै रुहामा कहो।
परमेसवर के अबिश्वासी माणस
2“अपणी माँ तै विवाद करो, विवाद क्यूँके वो मेरी जनान्नी न्ही, अर ना मै उसका घरआळा सूं। वो अपणे मुँह पै तै अपणे ओछापण नै अर अपणी छातियाँ कै बीच तै व्यभिचारां नै अलग करै; 3न्ही तो मै उसके कपड़े तारकै उसनै जन्म के दिन की तरियां नंगी कर दियुँगा, अर उसनै मरुस्थल की तरियां अर मरुभूमि सरीखी कै जिसी बणाऊँगा, अर उसनै प्यास तै मार दियुँगा। 4उसके बाळकां पै भी मै कुछ दया न्ही करुँगा, क्यूँके वे कुकर्म के बाळक सैं। 5उनकी माँ नै ओछापण करया सै; जिसके गर्भ म्ह वे पड़े, उसनै शर्म कै लायक काम करया सै। उसनै कह्या, ‘मेरे यार जो मेरे ताहीं रोट्टी-पाणी, ऊन, सण, तेल अर मदिरा देवैं सैं, मै उन्हे कै पाच्छै चाल्लुँगी।’ 6इसनै देक्खो, मै उसके राह नै काण्डयाँ तै घेरुँगा, अर इसा बाड़ा खड्या करुँगा के वा राह ना पा सकैगी। 7वो अपणे यारां कै पाच्छै चाल्लण तै भी उननै ना पावैगी; अर उननै ढूँढ़ण तै भी ना पावैगी। फेर वा कहवैगी, ‘मै अपणे पैहले पति कै धोरै फेर बोहड़ जाऊँगी, क्यूँके मेरी पैहली हालत इस बखत की हालत तै आच्छी थी।’ 8वा या न्ही जाणै थी, के अन्न, नया दाखमधु अर तेल मै ए उसनै देऊँ था, अर उसकै खात्तर वो चाँदी-सोन्ना जिस ताहीं वे बाल देवता के काम म्ह ले आवैं सैं, मै ए बढ़ाऊँ था। 9इस कारण मै अन्न के मौसम म्ह अपणे अन्न नै, अर नये दाखमधु के होण कै बखत म्ह अपणे नये दाखमधु नै हर ल्यूँगा; अर अपणा ऊन अर सण भी जिनतै वा अपणी देह ढाँप्पै सै, मै छीन ल्यूँगा। 10इब मै उसके यारां कै स्याम्ही उसके देह नै उघाड़ूँगा, अर मेरे हाथ तै कोए उसनै छुड़ा न्ही सकैगा। 11अर मै उसके त्यौहार, नये चाँद अर विश्रामदिन बाकी सारे नियत बखतां के त्यौहारां का अन्त कर दियुँगा। 12मै उसकी दाख की बेल अर अंजीर के दरखतां नै, जिनके बारै म्ह वा कहवै सै के या मेरे ओच्छेपण की कमाई सै जिस ताहीं मेरे यारां नै मेरे ताहीं दिया सै, उननै इसा उजाड़ूँगा के वे जंगळ जिसे हो जावैंगे, अर जंगळी-पशु उननै चर लेवैगें। 13वे दिन जिन म्ह वा बाल देवत्यां कै खात्तर धूप जळान्दी, अर नथली अर हार पहरे अपणे यारां कै पाच्छै जान्दी अर मेरे ताहीं भूल्ली रहवै थी, उन दिनां की सजा मै उसनै देऊँगा, यहोवा की याए वाणी सै।”
परमेसवर की उसके माणसां पै दया
14“इस करकै देक्खो, मै उसनै मोहित करकै जंगळ म्ह ले जाऊँगा, अर ओड़ै उसतै शान्ति की बात कहूँगा। 15ओड़ैए मै उसनै दाख की बारियाँ देऊँगा, अर आकोर की तराई नै उम्मीद का द्वार कर दियुँगा अर ओड़ै वा मेरे ताहीं इसी बात कहवैगी जिसी अपणी जवानी के दिनां म्ह यानिके मिस्र देश तै चाल्ले आण कै बखत कहवै थी। 16अर यहोवा की या वाणी सै के उस बखत तू मेरे ताहीं पति कहवैगी अर फेर बाली ना कहवैगी। 17क्यूँके भविष्य म्ह मै उसनै बाल देवत्यां के नाम न्ही लेण देऊँगा; अर ना उनके नाम फेर याद रहवैगें। 18अर उस बखत मै उनकै खात्तर जंगळी-पशुआं अर अकास कै पन्छियाँ अर धरती पर के रेंगण आळे जन्तुआं कै गैल करार करुँगा, अर धनुष अर तलवार तोड़कै युद्ध नै उनके देश तै दूर कर दियुँगा; अर इसा करुँगा के वे माणस निडर सोया करैंगे। 19मै सदा कै खात्तर तेरे ताहीं अपणी जनान्नी बणाण की प्रतिज्ञा करुँगा, अर या प्रतिज्ञा धार्मिकता, अर न्याय, अर करुणा, अर दया कै गैल करुँगा। 20या सच्चाई कै गैल करी जावैगी, अर तू यहोवा नै जाण लेवैगी#2:20 तू यहोवा नै जाण लेवैगी परमेसवर नै इस तरियां जाणणा, परमेसवर का आच्छा व्यवहार अर प्यार कै कारण ए होगा। हम परमेसवर तै प्यार करां सां क्यूँके उसनै पैहल्या म्हारे तै प्यार करया। अर परमेसवर के सच्चे ज्ञान म्ह उसका प्यार शामिल सै।।”
21“यहोवा की या वाणी सै के उस बखत मै अकास की सुणकै उसनै जवाब देऊँगा, अर वो धरती की सुणकै उसनै उत्तर देवैगा; 22अर धरती अन्न, नये दाखमधु, अर ताजे तेल की सुणकै उननै जवाब देवैगी, अर वे यिज्रेल नै जवाब देवैंगे। 23मै अपणे खात्तर उसनै देश म्ह बोऊँगा, अर लोरुहामा पै दया करुँगा, अर लोअम्मी तै कहूँगा, तू मेरी प्रजा सै, अर वो कहवैगा, ‘हे मेरे परमेसवर।’”
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