लेवीय व्यवस्था 17:11
लेवीय व्यवस्था 17:11 HINCLBSI
क्योंकि प्राणी का प्राण रक्त में रहता है। मैंने तुम्हें रक्त इसलिए दिया है कि तुम उसको अपने प्राणों के प्रायश्चित्त के लिए वेदी पर चढ़ाओ। रक्त में प्राण होने के कारण ही उससे प्रायश्चित्त होता है।





