स्तोत्र 91:9-10
स्तोत्र 91:9-10 HCV
हे यहोवाह, आप, जिन्होंने सर्वोच्च स्थान को अपना निवास बनाया है, “आप ही मेरे आश्रय हैं.” कोई भी विपत्ति तुझ पर आने न पाएगी और न कोई विपत्ति ही तेरे मंडप के निकट आएगी.
हे यहोवाह, आप, जिन्होंने सर्वोच्च स्थान को अपना निवास बनाया है, “आप ही मेरे आश्रय हैं.” कोई भी विपत्ति तुझ पर आने न पाएगी और न कोई विपत्ति ही तेरे मंडप के निकट आएगी.