स्तोत्र 111:1
स्तोत्र 111:1 HCV
यहोवाह की स्तुति-आराधना हो. मैं संपूर्ण हृदय से यहोवाह की स्तुति-आराधना करूंगा, सीधे मन वालों की समिति और सभा में.
यहोवाह की स्तुति-आराधना हो. मैं संपूर्ण हृदय से यहोवाह की स्तुति-आराधना करूंगा, सीधे मन वालों की समिति और सभा में.