सूक्ति संग्रह 3:3
सूक्ति संग्रह 3:3 HCV
प्रेम और ईमानदारी आपसे कभी अलग न हों; इन्हें अपने कण्ठ का हार बना लीजिए, इन्हें अपने हृदय-पटल पर लिख लीजिए.
प्रेम और ईमानदारी आपसे कभी अलग न हों; इन्हें अपने कण्ठ का हार बना लीजिए, इन्हें अपने हृदय-पटल पर लिख लीजिए.