सूक्ति संग्रह 2:1-5
सूक्ति संग्रह 2:1-5 HCV
हे मेरे पुत्र, यदि आप मेरे वचन स्वीकार करें और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में संचित कर रखें, यदि अपने कानों को ज्ञान के प्रति चैतन्य तथा अपने हृदय को समझदारी की ओर लगाए रखें; वस्तुतः यदि आप समझ को आह्वान करें और समझ को उच्च स्वर में पुकारें, यदि आप इसकी खोज उसी रीति से करें जैसे चांदी के लिए की जाती है और इसे एक गुप्त निधि मानते हुए खोजते रहें, तब आपको ज्ञात हो जाएगा कि यहोवाह के प्रति श्रद्धा क्या होती है, तब आपको परमेश्वर का ज्ञान प्राप्त हो जाएगा.





