रोमी 16:25-27
रोमी 16:25-27 MAI
आब ओहि परमेश्वरक स्तुति होनि जे अहाँ सभ केँ यीशु मसीहक शुभ समाचार द्वारा, अर्थात् जे शुभ समाचार हम सुनबैत छी, ताहि शुभ समाचार द्वारा स्थिर राखऽ मे समर्थ छथि। ई शुभ समाचार ओहि रहस्यक उद्घाटन अछि जे युग-युग सँ गुप्त राखल गेल छल, मुदा आब प्रगट भऽ गेल अछि। और आब युगानुयुग तक रहनिहार परमेश्वरक आदेशानुसार हुनकर प्रवक्ता सभक लेख सभक प्रचार द्वारा ई शुभ समाचार सुनाओल जा रहल अछि, जाहि सँ सभ जातिक लोक विश्वास कऽ हुनकर आज्ञाकारी बननि। ओही एकमात्र ज्ञानमय परमेश्वरक स्तुति यीशु मसीहक द्वारा युगानुयुग होइत रहनि! आमीन।





