रोमी 14:11-12
रोमी 14:11-12 MAI
किएक तँ धर्मशास्त्र मे लिखल अछि जे, “प्रभु कहैत छथि जे, हमर जीवनक सपत प्रत्येक व्यक्ति हमरा समक्ष ठेहुनिया देत, आ प्रत्येक व्यक्ति अपना मुँह सँ स्वीकार करत जे हमहीं परमेश्वर छी।” एहि सँ ई स्पष्ट अछि जे अपना सभ मे सँ प्रत्येक गोटे केँ अपन जीवनक लेखा परमेश्वर केँ देबऽ पड़त।






