रोमी 11:17-18
रोमी 11:17-18 MAI
मुदा जँ गाछक किछु ठाढ़ि काटि कऽ अलग कयल गेल अछि आ अहाँ सभ, जे सभ जंगली जैतूनक ठाढ़ि छी, से सभ ओहि नीक जैतून मे कलम लगाओल गेलहुँ आ ओकर जड़ि आ रस-भण्डार मे सहभागी भेलहुँ, तँ ओहि काटल ठाढ़ि सभक सम्मुख अहंकार नहि करू। जँ अहाँ सभ अहंकार करी तँ मोन राखू जे जड़ि अहाँ सभ पर नहि, बल्कि अहाँ सभ जड़ि पर आश्रित छी।





