रोमी 1:26-28
रोमी 1:26-28 MAI
यैह कारण अछि जे परमेश्वर ओकरा सभ केँ नीच वासना सभ मे छोड़ि देलथिन। ओकरा सभक स्त्रिओ स्वभाविक सम्बन्धक स्थान पर अस्वभाविक सम्बन्ध राखऽ लागलि। एही तरहेँ पुरुष सभ सेहो स्त्रीक संग होमऽ वला स्वभाविक सम्बन्ध केँ छोड़ि पुरुषक संग वला काम-वासनाक लेल उत्तेजित होमऽ लागल। पुरुष पुरुषेक संग निर्लज्ज कर्म कऽ अपने व्यक्तित्व मे अपन दुराचरणक उचित फल पौलक। एहि तरहेँ ओ सभ जखन परमेश्वरक सत्य-ज्ञान केँ रखनाइ महत्वपूर्ण नहि बुझलक तँ परमेश्वर ओकरा सभ केँ भ्रष्ट मोनक वश मे छोड़ि देलथिन जाहि सँ ओ सभ अनुचित काज करय





