प्रकाशित-वाक्य 7:3-4
प्रकाशित-वाक्य 7:3-4 MAI
“जा धरि हम सभ अपन परमेश्वरक सेवक सभक कपार पर मोहरक छाप नहि लगा दैत छी, ता धरि धरती, समुद्र आ गाछ-वृक्ष सभ केँ कोनो हानि नहि पहुँचाउ।” तखन हम ओहि लोक सभक संख्या सुनलहुँ, जकरा सभ पर मोहरक छाप लगाओल गेलैक। ओ संख्या छल एक लाख चौआलिस हजार। ओ सभ इस्राएलक प्रत्येक कुल मे सँ छल।





