प्रकाशित-वाक्य 5:13
प्रकाशित-वाक्य 5:13 MAI
तखन हम सृष्टिक प्रत्येक प्राणी केँ, जे स्वर्ग मे अछि, पृथ्वी पर अछि, पृथ्वीक नीचाँ पाताल मे अछि आ समुद्र मे अछि, अर्थात् सभ ठामक सभ जीव केँ ई कहैत सुनलहुँ जे, “जे सिंहासन पर विराजमान छथि तिनका, आ बलि-भेँड़ा केँ, स्तुति, आदर, महिमा आ सामर्थ्य युगानुयुग होइत रहनि!”

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