प्रकाशित-वाक्य 2:5
प्रकाशित-वाक्य 2:5 MAI
एहि लेल मोन राखू जे कतेक ऊँच स्थान सँ अहाँ खसल छी। आब अहाँ अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन करू आ पहिने जकाँ अपन आचरण राखू। जँ से नहि करब तँ हम आबि कऽ अहाँक लाबनि अपन स्थान पर सँ हटा देब।
एहि लेल मोन राखू जे कतेक ऊँच स्थान सँ अहाँ खसल छी। आब अहाँ अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ कऽ हृदय-परिवर्तन करू आ पहिने जकाँ अपन आचरण राखू। जँ से नहि करब तँ हम आबि कऽ अहाँक लाबनि अपन स्थान पर सँ हटा देब।