प्रकाशित-वाक्य 14:9-11
प्रकाशित-वाक्य 14:9-11 MAI
फेर एक तेसर स्वर्गदूत अयलाह। ओ ऊँच स्वर मे कहलनि, “जँ कोनो मनुष्य जानबरक आ ओकर मूर्तिक पूजा करत और अपन कपार वा हाथ पर ओकर छाप लगबाओत, तँ ओकरा परमेश्वरक क्रोधक ओ मदिरा पिबऽ पड़तैक जे बिनु कोनो मिलावट कऽ हुनका क्रोधक बाटी मे ढारल गेल अछि। ओ पवित्र स्वर्गदूत सभ आ बलि-भेँड़ाक सम्मुख आगि आ गन्धक मे घोर यातना भोगत। जे लोक जानबर आ ओकर मूर्तिक पूजा करैत अछि आ ओकर नामक छाप स्वीकार करैत अछि तकर सभक यातनाक धुआँ युगानुयुग तक उड़ैत रहत आ ओकरा सभ केँ दिन-राति कखनो चैन नहि भेटतैक।”





