कुलुस्सी 3:9-10
कुलुस्सी 3:9-10 MAI
एक-दोसर सँ झूठ नहि बाजू, किएक तँ अहाँ सभ अपन पुरान स्वभाव केँ ओकर अधलाह आचरण समेत त्यागि देने छी, आ नव स्वभाव केँ धारण कऽ लेने छी। ई नव स्वभाव जँ-जँ अपना सृष्टिकर्ताक स्वरूपक अनुसार नव बनैत जाइत अछि, तँ-तँ सत्य ज्ञान मे बढ़ैत जाइत अछि।





