1 पत्रुस 4:1-2
1 पत्रुस 4:1-2 MAI
मसीह अपना शरीर मे दुःख भोगलनि। एहि लेल अहूँ सभ शस्त्र जकाँ ओही मनोभावना केँ धारण करू जे हुनका मे छलनि, किएक तँ जे केओ अपना शरीर मे दुःख भोगने अछि, से पाप सँ सम्बन्ध तोड़ि लेने अछि, और एहि तरहेँ ओ आब अपन मनुष्य-स्वभावक अधलाह इच्छा सभक अनुसार नहि, बल्कि परमेश्वरक इच्छाक अनुसार अपन शेष जीवन बितबैत अछि।





