ख़ातून के बेटा पैदा हुआ, वह बच्चा जो लोहे के शाही असा से क़ौमों पर हुकूमत करेगा। और ख़ातून के इस बच्चे को छीनकर अल्लाह और उसके तख़्त के सामने लाया गया। ख़ातून ख़ुद रेगिस्तान में हिजरत करके एक ऐसी जगह पहुँच गई जो अल्लाह ने उसके लिए तैयार कर रखी थी, ताकि वहाँ 1,260 दिन तक उस की परवरिश की जाए।