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ज़बूर 98:1
किताब-ए मुक़द्दस
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रब की तमजीद में नया गीत गाओ, क्योंकि उसने मोजिज़े किए हैं। अपने दहने हाथ और मुक़द्दस बाज़ू से उसने नजात दी है।
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ज़बूर 98:4
ऐ पूरी दुनिया, नारे लगाकर रब की मद्हसराई करो! आपे में न समाओ और जशन मनाकर हम्द के गीत गाओ!
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ज़बूर 98:9
वह रब के सामने ख़ुशी मनाएँ। क्योंकि वह ज़मीन की अदालत करने आ रहा है। वह इनसाफ़ से दुनिया की अदालत करेगा, रास्ती से क़ौमों का फ़ैसला करेगा।
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