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ज़बूर 13:5
किताब-ए मुक़द्दस
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लेकिन मैं तेरी शफ़क़त पर भरोसा रखता हूँ, मेरा दिल तेरी नजात देखकर ख़ुशी मनाएगा।
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ज़बूर 13:6
मैं रब की तमजीद में गीत गाऊँगा, क्योंकि उसने मुझ पर एहसान किया है।
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ज़बूर 13:1
दाऊद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए। ऐ रब, कब तक? क्या तू मुझे अबद तक भूला रहेगा? तू कब तक अपना चेहरा मुझसे छुपाए रखेगा?
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ज़बूर 13:2
मेरी जान कब तक परेशानियों में मुब्तला रहे, मेरा दिल कब तक रोज़ बरोज़ दुख उठाता रहे? मेरा दुश्मन कब तक मुझ पर ग़ालिब रहेगा?
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