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ज़बूर 112:7
किताब-ए मुक़द्दस
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वह बुरी ख़बर मिलने से नहीं डरता। उसका दिल मज़बूत है, और वह रब पर भरोसा रखता है।
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ज़बूर 112:1-2
रब की हम्द हो! मुबारक है वह जो अल्लाह का ख़ौफ़ मानता और उसके अहकाम से बहुत लुत्फ़अंदोज़ होता है। उसके फ़रज़ंद मुल्क में ताक़तवर होंगे, और दियानतदार की नसल को बरकत मिलेगी।
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ज़बूर 112:8
उसका दिल मुस्तहकम है। वह सहमा हुआ नहीं रहता, क्योंकि वह जानता है कि एक दिन मैं अपने दुश्मनों की शिकस्त देखकर ख़ुश हूँगा।
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ज़बूर 112:4
अंधेरे में चलते वक़्त दियानतदारों पर रौशनी चमकती है। वह रास्तबाज़, मेहरबान और रहीम है।
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ज़बूर 112:5
मेहरबानी करना और क़र्ज़ देना बा-बरकत है। जो अपने मामलों को इनसाफ़ से हल करे वह अच्छा करेगा
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ज़बूर 112:6
क्योंकि वह अबद तक नहीं डगमगाएगा। रास्तबाज़ हमेशा ही याद रहेगा।
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