1
अमसाल 7:2-3
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
मेरे अहकाम के ताबे रह तो जीता रहेगा। अपनी आँख की पुतली की तरह मेरी हिदायत की हिफ़ाज़त कर। उन्हें अपनी उँगली के साथ बाँध, अपने दिल की तख़्ती पर कंदा कर।
Compare
Explore अमसाल 7:2-3
2
अमसाल 7:1
मेरे बेटे, मेरे अलफ़ाज़ की पैरवी कर, मेरे अहकाम अपने अंदर महफ़ूज़ रख।
Explore अमसाल 7:1
3
अमसाल 7:5
यही तुझे ज़िनाकार औरत से महफ़ूज़ रखेंगी, दूसरे की उस बीवी से जो अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से तुझे फुसलाने की कोशिश करती है।
Explore अमसाल 7:5